वाराणसी.सीएम योगी ने रविवार को सांस्कृतिक संकुल में वाराणसी पुलिस द्वारा यूपी का पहला नवगठित बाइक दस्ते को हरी झंडी दिखाकर लॉन्च किया। जो अमेरिका, इंग्लैंड, हांगकांग पुलिस की तर्ज पर यूपी पुलिस को हाईटेक और स्मार्ट बनाएगी। योगी ने कहा, जीपीएस से लैस बाइक संकरी गलियों के अंदर तक आसानी से जाएगी। पहले हमारे जवान 303 की राइफल लेकर चलते थे, जो भारी थी। अब 9 एमएम की पिस्टल लेकर चलेंगे। वाराणसी पुलिस की तर्ज पर यूपी में भी ये सेवा शुरू होगी। 1600 बाइक पुलिस को उपलब्ध करा रहे हैं। पहले चरण में 47 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती होगी। इसमें 42 हजार कॉन्स्टेबल होंगे और तीन साल में यह भर्ती डेढ़ लाख होगी।
आगे पढ़िए क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी…
-एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने बताया, यूपी का पहला मोटर साइकिलों का 63 दस्ता बना है, जिसमें एक दस्ते में 5 जवान रहेंगे। एक बार में 2 लोग रन करेंगे। पूरी टीम कंट्रोल रूम से अटैच रहेगी।
-बाइकों में जीपीएस के साथ फर्स्ट ट्रेट बॉक्स, छोटा फायर कंट्रोल सिस्टम, जवानों बुलेट फ्रूफ जैकेट और लाउडस्पीकर से लैस रखा जाएगा।
-उन्होंने बताया, अक्सर सूचना मिलने पर बड़ी गाड़ियों से पुलिस को पहुंचने में देर की शिकायत रहती है। इस दस्ते को 4 दिनों में खास तौर पर घायलों के ट्रीटमेंट (फर्स्ट ट्रेट ) मॉर्डन फायर सिस्टम, 9 एमएम पिस्टल ,रेस्क्यू, अपराधियों के पीछा करने पर क्या ध्यान रखें, ट्रैफिक को कैसे कंट्रोल करें, पब्लिक इंवॉल्मेंट बिहैवियर कैसा रखें, वाइलेंस में क्या करें, एनाउंसमेंट के समय क्या ध्यान देना चाहिए। ट्रेनिंग के दौरान एक्सपर्ट बताएंगे
कि मेंटल लेवल सबसे जरूरी पार्ट होता है।
-इसके लिए एक्सपर्ट उदाहरण के साथ जवानों को ट्रेनिंग देंगे। दो जवान बाइक से मौके पर पहुंचे और भीड़ अनकंट्रोल हो तो क्या कदम उठाएं, ताकि भीड़ पुलिसिंग पर भरोसा करे।
-वहीं, पतली और संकरी गलियों में आसानी से लाल-नीली बत्ती युक्त बाइक जा पाएगी।