सीएम ने आदिवासियों के घर खाया खाना, लोगों से लिया फीडबैक और अफसरों लगाई फटकार

  • बूंदी/जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे बूंदी जिले में ‘आपका जिला-आपकी सरकार’ कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को गांव-ढाणियों में पहुंचीं। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फीडबैक लिया। जहां अव्यवस्था मिली, उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी और जनता के प्रति संवेदनशील बनने के निर्देश दिए। वहीं आमजन से मिले फीडबैक के आधार पर राजे ने अच्छे काम की जानकारी मिलने पर खुलकर तारीफ भी की। मुख्यमंत्री ने अपने औचक निरीक्षण की शुरूआत बूंदी शहर में अनुदानित आदिवासी छात्रावास से की। इस मौके पर वसुंधरा ने माटुंडा गांव में बाबूलाल बैरवा के घर पर भोजन भी किया।
     सीएम ने आदिवासियों के घर खाया खाना, लोगों से लिया फीडबैक और अफसरों लगाई फटकार
    सीएम ने भैरुपुरा ओझा में ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में ग्राम सेवा सहकारी समिति के गोदाम, वाटर एटीएम और उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों के गैर हाजिर रहने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने गांव में अलग-अलग जगह संचालित हो रहे प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय के एकीकरण के लिए कलेक्टर को निर्देश दिए। सीएम ने खटकड़ गांव में अटल सेवा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जमीन के पट्टे देने में देरी की ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को डांट लगाई। यहां अन्नपूर्णा भंडार का भी निरीक्षण किया।

    राजपूत समाज से अलग से मिलीं वसुंधरा

    बाकीसमाजों के प्रतिनिधियों के साथ सीएम सामूहिक रूप से मिलीं पर राजपूत समाज के प्रतिनिधियों से वे अलग से और सबसे बाद मिलीं। यह आनंदपाल मामले के बाद राजपूत समाज में भाजपा और सीएम के प्रति फैली नाराजगी दूर करने की कवायद मानी जा रही है। विजयराजसिंह मालकपुरा, पीपल्या के पूर्व सरपंच गोपालसिंह, आरएसडब्लू के अध्यख आनंदराजसिंह, भंवरसिंह नेगढ़, पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथसिंह सहित अन्य राजपूत प्रतिनिधियों के साथ सीएम ने मुलाकात की। इन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से पं. बृजसुंदर शर्मा सामान्य अस्पताल का नाम बदलकर वापस राघवेंद्रसिंह सामान्य चिकित्सालय करने, खेल संकुल का नाम ईश्वरीसिंह के नाम पर करने, खेल संकुल में सिवायचक भूमि में से राजपूत सभाभवन और बोर्डिंग हाउस के लिए जमीन देने, जैत सागर रोड पर हाड़ी रानी स्मृति संस्थान के लिए जमीन देनेजैसी मांगें रखीं।

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    हॉस्टल की लेट-बाथ की देखी सफाई

    तीन दिन के बूंदी दौरे के दूसरे दिन होटल से जिले का हाल जानने निकलीं मुख्यमंत्री अचानक नैनवां रोड स्थित बाबू जगजीवनराम कॉलेज स्तरीय कन्या छात्रावास पहुंच गई। मुख्यमंत्री को अचानक सामने देख हॉस्टल में हड़बड़ी मच गई। इस दौरान बिल्डिंग में रंग-रोगन का काम चल रहा था। वहीं हॉस्टल में सुबह की सफाई भी नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री ने लेट-बाथ, रूम और रसोई में झांककर देखा। हॉस्टल में प्रॉपर सफाई ना देखकर मुख्यमंत्री राजे ने वार्डन ललिता मीणा को टोका। लड़कियों से भी पूछा। उन्होंने बताया कि स्वीपर रोज आता है, इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब किया कि फिर सफाई क्यों नहीं हो रही। वार्डन ने बताया कि सुबह लड़कियां कोचिंग जाती हैं, तब सफाई नहीं हो पाती। इसीलिए सफाई लेट होती है। राजे ने यह भी पूछा कि खाने में क्या बना है, छात्रा पूजा और दूसरी लड़कियों से यह भी पूछा कि आपको पलंग, गद्‌दे कब मिले, कितने मिले हैं। उन्होंने और भी कई सवाल किए तथा समय पर सफाई के लिए कहा। हॉस्टल में चल रही रंगाई-पुताई पर राजे ने वार्डन से पूछा अभी ही रंगरोगन कैसे चल रहा है। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से हॉस्टल की बाउंड्री बनवाने का आग्रह किया।
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