बठिंडा. सिविल अस्पताल के गायनी विभाग में वीरवार को डिलीवरी के बाद गांव दियोन निवासी 22 वर्षीय विवाहिता की मौत हो गई। इससे पहले मृतका ने बुधवार रात को गायनी ओटी में एक बच्ची को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद विवाहिता की अचानक मौत से अस्पताल स्टाफ में खलबली मच गई। इसी टेंशन में वुमेन अस्पताल के प्रबंधकों ने मृतका के शव को डेड हाउस में प्रिजर्व करने की बजाय उसे पांच घंटों तक ओटी के बाहर छिपाकर रखा।
वुमेन अस्पताल के प्रबंधक डिलीवरी के बाद विवाहिता की मौत को हाई ब्लड प्रेशर के बाद आए अटैक के कारण बता रहे हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार डिलीवरी के दौरान विवाहिता का अत्यधिक रक्तस्त्राव हो गया है। जिस कारण उसकी मौत हो गई। बुधवार रात को प्रसव पीड़ा के बाद दियोन निवासी 22 वर्षीय रमनदीप कौर पत्नी धर्मेंद्र को परिजनों ने 10 बजे वुमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती करवाया था।
गायनी आॅपरेशन थियेटर में रात करीब 10.30 बजे डाॅ. हरनीत ने गर्भवती रमनदीप कौर की नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। रात भर रमनदीप कौर की हालत सामान्य रही। लेकिन वीरवार सुबह करीब साढ़े 8.30 बजे रमनदीप कौर की हालत बिगड़ने लगी। उस दौरान अस्पताल में मौजूद महिला डाक्टरों ने जरूरी इलाज शुरू किया। लेकिन कुछ ही समय में रमनदीप कौर की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल स्टाफ काफी टेंशन में गया। वहीं परिजनों के विलाप करने के कारण प्रबंधकों ने मृतका के शव को डेड हाउस में प्रिजर्व करवाना जरूरी नहीं समझा। जिस कारण करीब पांच घंटे तक मृतका रमनदीप का शव ओटी के बाहर स्ट्रेचर में पड़ा रहा।
महिला पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की शिकार थी
महिला पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की शिकार थी। दो महिला डाक्टरों ने इलाज के दौरान बेहद प्रयास किया। लेकिन बीपी बढ़ने से महिला की मौत हो गई। परिजनों को बॉडी को प्रिजर्व करवाने के लिए कहा गया था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सतीशगोयल, सीनियर मेडिकल अफसर