जयपुर/ सीकर.अखिल भारतीय किसान सभा का महापड़ाव बुधवार को 13वें दिन आधीरात 12:30 बजे उठा लिया गया। इससे पहले सरकार के चार मंत्रियों के साथ पंत कृषि भवन में किसान सभा के नेताओं की दोपहर सवा एक बजे से रात 12:30 बजे तक मैराथन मीटिंगें चलीं। किसानों ने पूर्ण कर्जमाफी की मांग की थी। सरकार ने 50 हजार रुपए तक के कर्ज माफी की सहमति दे दी। वार्ता में शामिल माकपा नेता अमराराम ने बताया कि इससे सरकार पर 20 हजार करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। प्रमुख मांगों में स्वामीनाथन आयोग की 80 प्रतिशत से अधिक सिफारिशें लागू करने, लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक समर्थन मूल्य रखने के लिए केन्द्र को पत्र लिखने की मांग सरकार ने मानी। अब तक 3 वर्ष से बड़े बछड़ों की बिक्री ही हो सकती थी, इसे घटाकर दो वर्ष कर दिया है। किसानों की कुल 11 मांगों पर सहमति बनी, तब आंदोलन टूटा।

सरकार की तरफ से वार्ता में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत, सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक, जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी शामिल हुए। किसान सभा की तरफ से पूर्व विधायक अमराराम, पेमा राम, माकपा नेता हरफूल सिंह, श्योपतराम, गुरुशरण सिंह, नारायण डूडी, लालचंद भादू और छगनलाल शामिल हुए। इससे पहले सीकर, झूंझुनू, बीकानेर, गंगानगर में बड़े स्तर पर किसानों ने हाईवे पर महापड़ाव डाला। मंडिया और रास्ते बंद रहने से दूध-सब्जी आदि की सप्लाई बाधित रही। बसों-ट्रकों का आवगमन ठप रहा। हाईवे रात 12:30 बजे खुल गए।
300 ट्रकों में 13 करोड़ का सामान अटका
श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय किसान सभा के चक्काजाम के कारण बुधवार को 5 लाख 20 हजार लीटर दूध की सप्लाई नहीं हो पाई। चार ट्रकों में भरी करीब 16 लाख रुपए की सब्जी मंडी तक नहीं पहुंच पाई। करीब 13 करोड़ मूल्य का 300 ट्रक सामान जाम में फंसा हुआ है। इतना ही सामान बाहर भेजने से अटक गया है। रोडवेज को 12 लाख और निजी बस ऑपरेटर यूनियन को बसों का संचालन नहीं होने से 15 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।
कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे पर ढाई घंटे रखा जाम
अखिल भारतीय किसान सभा के किसान सदस्यों ने कोटा जिले के इटावा गांव के तिराहे पर बैठते हुए कोटा श्योपुर स्टेट हाईवे पर करीब ढाई घंटे चक्का जाम रखा है। ऐसे ही झाड़गांव में सुल्तानपुर जाने वाले रास्ते पर जाम किया। जो करीब एक घंटे तक चला। जिलाध्यक्ष दुलीचंद बोरदा ने बताया कि यह चक्का जाम सरकार को चेताने के लिए प्रदेशव्यापी संगठन के आह्वान पर किया गया।