दिल दाईं और बाईं तरफ है जिगर, ऐसे हुई हार्ट की सर्जरी
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अमृतसर.39 साल की राधा शर्मा के वर्ष 1996 और 2001 में दो सिजेरियन हुए आपरेशन हुए लेकिन किसी भी डाॅक्टर को उनमें कोई असाधारण बात नजर नहीं आई। 2007 में उन्होंने एक्सरे करवाया तो टेक्नीशियन ने कहा कि उनका तो दिल ही नहीं है। दोबारा एक्सरे करवाने पर बताया गया कि उनका दिल बाईं की बजाए दाईं तरफ धड़क रहा है।
22 जून 2017 को उन्हें कुछ तकलीफ हुई तो उनके हार्ट में ब्लाकेज का पता चला। स्थानीय अस्पताल में बाय पास सर्जरी के दौरान डाक्टरों ने देखा कि उनका दिल ही नहीं बल्कि तिल्ली भी दाईं तरफ है, जबकि लीवर दाईं की बजाए बाईं तरफ है, यानी की सब उल्ट-पलट है। उनके मुताबिक उनकी दिनचर्या और खाना पीना आम लोगों जैसा ही है। उन्हें कुछ अलग महसूस नहीं होता लेकिन उनका हरेक के साथ दिल मिल जाता है।दुनियाभर में अब तक 28 केस सामने आए
अस्पताल के चीफ कार्डियक सर्जन डा. पंकज गोयल के मुताबिक इससे पहले दुनिया भर में ऐसे (साइटो वर्सेस) 28 केस सामने चुके हैं, जिनमें से दो केस भारत से संबंधित रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान शिशु की रोटेशन रुकने की वजह से ऐसा होता है। कुल आबादी में ऐसे केस 0.01 (प्वाइंट जीरो वन) फीसदी ही होते हैं। विदेशों में बाईपास सर्जन हार्ट को रोक कर सर्जरी करते हैं लेकिन उन्होंने साढ़े चार घंटे में धड़कते हुए दिल के साथ सर्जरी की है।इसे भी देखें:- अभी अभी : जिसका डर था वही हुआ- अब नीतीश कुमार ने उठाया सबसे बड़ा कदम, उड़ा दिए सबके होश
दुनिया में अब तक सामने आए कुल 28 केसों में से 5 केस में ही धड़कते दिल के साथ बाईपास सर्जरी की गई है। ऐसे केसों में दाहिने हाथ का इस्तेमाल करने वाले सर्जन को मुश्किल भी आती है। महिला की तीनों आरटरी ब्लाक थी। जिसमें राइट कार्नरी आर्टरी 100 फीसदी, लेफ्ट एंटरियर डिसएंडिंग और आब्टयूस मार्जिनल दोनों 80 फीसदी तक ब्लाक थीं।





