मध्यप्रदेश का खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन- पंचमढ़ी

भारत का ह्रदय प्रदेश मध्यप्रदेश यूँ तो अपनी जैव विविधता,विस्तृत तराई, खूबसूरत पहाड़ ,घने वन,समृद्ध संस्कृति के कारण पुरे विश्वे में अपनी अलग पहचान रखता है, पर मध्यप्रदेश अपने प्राकृतिक सौंदर्य,नदी झरने,और अन्य नयनाभिराम पहाड़ों में लिये भी विश्व भर के सैलानियों के लिये एक पसंदीदा जगह है| इसी श्रृंखला में आज जानेगे मध्यप्रदेश में सातपुते की रानी “पंचमढ़ी ” के विषय में |

मध्यप्रदेश का खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन - पंचमढ़ी

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी मध्य भारत का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी समुद्रतल से 1,067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच होने और अपने सुंदर स्थलों के कारण इसे सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है।सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान का भाग होने के कारण यहां चारो ओर घने जंगल हैं, यहां के हरे-भरे और शांत वातावरण में बहुत-सी नदियों और झरनों के कल कल करते संगीत में बीच प्रकृति अपने चरम सौंदर्य पर है। 

पंचमढ़ी का पौराणिक महत्त्व –  पौराणिक कथाओं के अनुसार, भस्मासुर जिसे स्वयं महादेव ने यह वरदान दिया था कि वह जिसके सिर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा, इसकी सत्य परिचिति के लिये भस्मासुर ने यह वरदान महादेव पर ही प्रयोग करना चाहा, जिससे बचने के महादेव ने पचमढ़ी की गुफाओं और कंदराओं में शरण ली| साथ ही यहां की मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ काल यहां भी बिताया था और यहां उनकी पांच कुटिया या मढ़ी या पांच गुफाएं थीं जिसके नाम पर इस स्थान का नाम पचमढ़ी पड़ा है।  

पांडवों की गुफा : पचमढ़ी में आपके घूमने की शुरुआत पांडवों की गुफा से होती है। एक छोटी पहाड़ी पर ये पांचों गुफाएं हैं।  

शिवशंकर के प्रसिद्ध मंदिर :  जटाशंकर महादेव, गुप्त महादेव, और महादेव मंदिर यंहा के प्रसिद्ध मंदिर है इसके अलावा भी छोटे बड़े कई और मंदिर भी है|

इन मंदिरों, जलप्रपातों के अलावा डोरोथी डीप रॉक शेल्टर, जलावतरण, सुंदर कुंड, इरन ताल, धूपगढ़, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यानआदि भी घूमने की जगहें हैं।  

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