मेरी मां बेहोश होती तो थानेदार पानी डालता, होश आते ही फिर पीटता रहा
बटाला.शंटी (जिसकी मां को चौकी इंचार्ज सुखविंदर सिंह ने बुरी तरह पीटा) ने बताया कि गांव के ही दीपा सिंह के यहां शादी थी। उन्होंने उसकी मां कुलदीप को एक महीने के लिए घरेलू काम के लिए रखा था। 28 अगस्त को दीपा के परिवार ने मां पर 1 लाख 70 हजार रुपए चुराने का अरोप लगा दिया। रात 2 बजे दयालगढ़ चौकी इंचार्ज सुखविंदर सिंह सुक्खा आया और उसे व उसकी मां को घर से उठा ले गया।

चौकी में सुक्खा ने पहले उसकी पिटाई की। इसके बाद उसके सामने ही मां को उल्टा लटका कर पीटने लगा। जब मां बेहोश हो जाती तो सुक्खा उसे नीचे उतार कर पानी पिलाकर होश में लाता और फिर से उल्टा लटका कर छाती और बैक पर लोहे के डंडे मारने लगता। सुक्खा जबरन चोरी कबूल करवाना चाह रहा था जबकि उसने चोरी नहीं की थी। 6 घंटे बाद जब उसकी मां की हालत बिगड़ने लगी तो छोड़ दिया और कहा कि जुबान खोली तो झूठे मामले में फंसा दूंगा। एसएसपी को शिकायत की गई है।
एक नेता के फोन आने से भर्ती करने से मना किया था अस्पताल ने
शंटी ने बताया कि पिता जब मां को सिविल अस्पताल ले गए तो चौकी इंचार्ज ने एक नेता से फोन करवा दिया, जिसके चलते उसकी मां को दाखिल नहीं किया। अगले दिन बड़े अधिकारी को लिखित फरियाद की तो उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। मां नाजुक हालत में है।
इसे भी देखें:- अभी-अभी: आधार कार्ड को लेकर आई सबसे बड़ी खबर, अगर आधार से नही…!
जांच के आदेश
8 सितंबर को सिविल सर्जन के ध्यान में मामला लाया गया तो उन्होंने एसएमओ से जांच करने काे कहा कि आखिर कुलदीप को पहले दाखिल क्यों नहीं किया गया, फिर कार्रवाई करें।





