चंडीगढ़. दुष्कर्मीराम रहीम के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कार्यवाहक चीफ जस्टिस एसएस सारों, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अवनीश झिंगन की फुल बेंच ने कहा, ‘हरियाणा पुलिस का दावा है कि लोगों की पूरी चेकिंग की गई और उन्हें छतरी तक भी नहीं ले जाने दी। फिर हथियार कैसे पहुंचे।’ 
कोर्ट ने यह सवाल पंचकूला की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान किया। साथ ही डेरे की सभी संपत्तियों की जानकारी कोर्ट को दिए जाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने दौरान स्पष्ट किया कि डेरा सच्चा सौदा को लेकर भड़की हिंसा के सभी केसों की जांच पंजाब और हरियाणा की एसआईटी करेगी। एडीजीपी स्तर का अफसर इसका हेड होगा। कोई भी एफआईआर हाईकोर्ट की अनुमति के बिना कैंसिल की जाए। सभी मामलों की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट देखेंगे। विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट को दी जाएगी।
कोर्ट ने मंगलवार को बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को सरकारी काम में बाधा पहुंचाने महिलाओं को आश्रम में बंधक बनाने के मामले में बरी कर दिया। दोनों ही मामलों में गवाह और शिकायतकर्ता मुकर गए। हालांकि, रामपाल अभी जेल से बाहर नहीं पाएगा। उसके खिलाफ देशद्रोह सहित अन्य आरोपों में 5 केस और लंबित हैं।