सिरसा डेरा सच्चा से 29 महीने पहले अचानक गायब हुई महिला का मामला सामने आया है। महिला के पिता ने डेरा चीफ राम रहीम, मैंनेजिंग डायरेक्टर और सेवादारों के खिलाफ किडनैपिंग के आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, वह अपनी पत्नी के साथ सिरसा ध्यान के लिए गया था, लेकिन वह सपने में भी नहीं सोच सकता था कि इस ध्यान की कीमत उसे इस तरह चुकानी पड़ेगी।
सेवादार आया और कहा- गुड्डी से ‘राम रहीम दत्ताजी’ मिलेंगे…
– जयपुर के मनोहरपुरा कच्ची बस्ती के रहने वाले कमलेश कुमार के मुताबिक, वह पत्नी गुड्डी और दो बच्चों के साथ मार्च 2015 में सिरसा स्थित सच्चा डेरा सत्संग में गए थे।
– गुड्डी वहां पर महिलाओं के ग्रुप में थी और वह पुरूषों के ग्रुप में बैठा हुआ था। इस दौरान एक सेवादार आया और कहा कि गुड्डी से ‘राम रहीम दत्ताजी’ मिलेंगे, उनको भेज दो। कमलेश ने एक सेवादार के साथ गुड्डी को भेज दिया। इसके बाद गुड्डी नहीं लौटी।
– कमलेश ने वहां सेवादारों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह भक्ति में लीन है। दो-तीन दिन इंतजार करो। तीन दिन बाद भी गुड्डी वापस नहीं आई तो कमलेश ने उसकी डेरा में आसपास में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
– इसके बाद वह सिरसा पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ शिकायत करने पहुंचा तो पुलिस ने डरा-धमकाकर थाने से बाहर निकाल दिया।
– मई 2015 में कमलेश ने जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में राम रहीम समेत अन्य के खिलाफ गुड्डी के किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बिना जांच-पड़ताल के ही 2016 में एफआईआर लगा दी है।
– पीड़ित के एडवोकेट बाबूलाल बैरवा ने बताया कि एफआईआर के खिलाफ कोर्ट में प्रोटेस्ट किया है।
– गुड्डी को ढूंढने के बजाए पुलिस ने मामले में ही एफआर लगाकर फाइल को बंद कर दिया। डेरे में ध्यान के लिए गई गुड्डी का आज तक कोई पता-ठिकाना नहीं है।
बच्चे अब भी मां के इंतजार में
-कमलेश ने बताया कि उसके दो बेटे हंसराज और लेखराज को आज भी अपनी मां का इंतजार है। जगतपुरा इलाके में वह खुद मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रहा है, जबकि बच्चे गांव में ही हैं।
– पीड़ित कमलेश ने बताया कि जवाहर सर्किल पुलिस उसको साथ लेकर सिरसा भी गई, लेकिन बिना जांच-पड़ताल के लौट आई। टीआई राजेश सोनी ने बताया कि मामला 2015 का है। उस वक्त के टीआई जांच अफसर ने मामले में एफआईआर दी है। उनकी जांच में क्या आया, यह जानकारी नहीं है।