लखनऊ. गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में बीते दिनों 30 बच्चों समेत 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में योगी सरकार ने केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में प्रिंसिपल राजीव मिश्रा समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, मेडिकल एजुकेशन अनीता भटनागर जैन को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये कार्यवाही चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद की जा रही है। इस केस में इससे पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और सुपरिंटेंडेट को हटाया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक, जांच में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को दोषी पाया गया है।
CM योगी को सौंपी रिपोर्ट…
– गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के मामले में मंगलवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। इसके कुछ देर बाद ही एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, मेडिकल एजुकेशन अनीता भटनागर जैन को हटा दिया गया। प्रिंसिपल सेक्रेटरी रजनीश दुबे को मेडिकल एजुकेशन का एडीशनल चार्ज सौंपा गया है।
क्या है गोरखपुर ट्रेजडी?
– बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 7 अगस्त से लेकर 12 अगस्त तक 30 बच्चों समेत 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि ये मौतें हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने की वजह से हुईं।
– कहा जा रहा है कि पुष्पा सेल्स नाम की कंपनी ने पेमेंट बकाया होने की वजह से ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई रोक दी थी। कंपनी ने कहा कि हमने 14 रिमांडर भेजे, लेकिन इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने कोई एक्शन नहीं लिया।
UP सरकार ने क्या कदम उठाया?
– बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा को 12 अगस्त को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए सस्पेंशन से पहले ही इस्तीफा सौंप दिया था।
– इसके बाद 13 अगस्त को योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बंद कमरे में यहां के स्टाफ की क्लास लगाई। विजिट के बाद सीएम योगी ने कहा कि बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हर मुमकिन कदम उठाया जाएगा।
– इसी दिन हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेट और वाइस प्रिंसिपल डॉक्टर कफील खान को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह डॉ. भूपेंद्र शर्मा को अप्वाइंट किया गया।