RCA-BCCI आमने-सामने: ललित मोदी तो गए, सस्पेंशन नहीं हटा तो जोशी को भी जाना पड़ेगा

  • जयपुर.आरसीए को पिछले 4 साल से बीसीसीआई ने निलंबित कर रखा है। निलंबन का कारण रहे ललित मोदी सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। सीपी जोशी जब आरसीए अध्यक्ष बने थे तो उन्होंने भास्कर को कहा था कि आरसीए का निलंबन हटाने के लिए अगर उन्हें कुछ कड़े कदम भी उठाने पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इसमें सबसे बड़ा कांटा थे मोदी। जल्द ही बीसीसीआई के खिलाफ चल रहे केस भी वापस ले लिए जाएंगे। अब भी सीपी जोशी निलंबन हटवाने में सफल नहीं रहे तो उन्हें भी आरसीए अध्यक्ष पद खोना पड़ सकता है। सुगबुगाहट है कि जोशी गुट के कुछ लोग वापस मोदी गुट में मिलने की तैयारी में हैं। बीकानेर के अशोक ओहरी तो पहले ही खुलकर मोदी गुट के समर्थन में आ चुके हैं।RCA-BCCI आमने-सामने : ललित मोदी तो गए, सस्पेंशन नहीं हटा तो जोशी को भी जाना पड़ेगा

    खुद भी हाथ पीछे खींच सकते हैं सीपी जोशी

    एक जिले के सचिव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जोशी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जैसी स्थिति नहीं आएगी। जो का उनका कैडर है ऐसी स्थिति से पहले ही वह खुद आरसीए से अलग हो जाएंगे।

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    मोदी के समय भी आया था अविश्वास प्रस्ताव

    अमीन पठान ललित मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। उसके बाद आरसीए में ताले लग गए थे। क्रिकेट की भलाई के लिए समझौता हुआ तो ताले खुले थे। अब एक बार फिर ऐसी ही स्थिति बनती जा रही है। अगर सीपी जोशी आरसीए का निलंबन हटवाने में सफल नहीं रहे तो उनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी

    कहीं ये राजनीतिक खेल तो नहीं

    राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा चल रही है कि बेशक सीपी जोशी आरसीए अध्यक्ष बन गए हैं लेकिन उनकी पावर कम की जाए। ललित मोदी के बेटे रुचिर की हार प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के गले नहीं उतर रही है। आरसीए में यह जो उठापटक की स्थिति है इसके पीछे प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की शह भी हो सकती है।
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