विकास बराला को ले जाने वाले पुलिसकर्मी का बड़ा खुलासा, धमकी देता था वो…

विकास और उसके दोस्त आशीष को मौका ए वारदात से दबोचने वाले पुलिसकर्मियों ने कई चौंका देने वाले खुलासे किए हैं, देखिए

पुलिसवालों ने बताया कि रईसजादों ने न केवल उन्हें धमकाया बल्कि पिता की पावर का रौब दिखाते हुए वर्दी तक उतरवाने की चेतावनी दी।
डरावनी रात की कहानी, पुलिस की जुबानी
हेडकांस्टेबल सतीश कुमार व वालंटियर बैसाखी ने बताया कि वह एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे। रात करीब 12.33 पर कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि हाउसिंग बोर्ड की ओर जा रही एक युवती को मदद चाहिए। 2 युवक उसका पीछा करके छेड़छाड़ व किडनैप करने की कोशिश कर रहे हैं।
युवक भी हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर से आ रहे हैं। इतना सुनते ही दोनों पीसीआर कर्मी तत्काल हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंचे और पीसीआर वैन साइड में लगा दी। कुछ ही समय बाद तेज रफ्तार से एक सफेद रंग की कार आती दिखी।
नंबर प्लेट देखकर पुलिस ने तत्काल सफारी को रोक लिया। ड्राइविंग सीट की तरफ से खुले आधे शीशे में हाथ डालकर पीसीआरकर्मियों ने चाबी निकाल ली। ड्राइविंग सीट पर आशीष बैठा हुआ था।
धमकी के बाद भी नहीं डरे पुलिसकर्मी
एरिया को को-आर्डिनेट कर रहे इंस्पेक्टर स्वर्ण कुमार ने बताया कि आरोपियों ने नशे में पीसीआर कर्मियों को धौंस दिखाते हुए दो मिनट में वर्दी उतरवाने की धमकी दी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना खौफ खाए उन्हें दबोच लिया। इतने में ही सूचना पाकर दूसरी पीसीआर में सेक्टर-26 थाने से नाइट जांच सब-इंस्पेक्टर सतनाम सिंह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपियों को थाने में लेकर आ गया।
सम्मानित किए जाएंगे पुलिसकर्मी
वर्णिका के आरोपी को जिस तत्परता के साथ पुलिसकर्मियों ने पकड़ा है, वह काबिलेतारीफ है। पुलिस की ओर से 15 अगस्त को इंस्पेक्टर स्वर्ण कुमार सिंह, हेडकांस्टेबल सतीश कुमार (बेल्ट नं.-2499) व होमगार्ड वालंटियर बैसाखी (बेल्ट नं.-244) को सम्मानित किया जाएगा। हेडकांस्टेबल सतीश 6 महीने पहले पीसीआर विभाग में आए। इससे पहले वह वीआईपी सिक्योरिटी में तैनात थे। होमगार्ड वालंटियर बैसाखी पिछले 3 सालों से पीसीआर ड्राइवर के तौर पर तैनात है।
पीसीआर कर्मियों ने जिस तत्परता से कार्रवाई की है, उसके लिए वह सम्मान के पात्र है।
इसमें शामिल सुपरविजन इंस्पेक्टर, हेडकांस्टेबल व होमगार्ड वालंटियर को गुड वर्क व बहादुरी का सम्मान विभाग की ओर से दिया जाएगा।तेजिंदर लूथरा, डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस





