90 दिन में पूरा होगा डिगडोल-खूनी नाला टनल का काम, जम्मू-श्रीनगर सफर होगा आसान

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर डिगडोल-खूनी नाला टनल का 80% काम पूरा हो चुका है और एनएचएआई ने इसे 90 दिन में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। 3.2 किलोमीटर लंबी यह डबल लेन टनल बर्फबारी के दौरान मार्ग को सालभर खुला रखेगी और यात्रा को सुरक्षित व आसान बनाएगी।
जम्मू-श्रीनगर के बीच 13 किलोमीटर की दूरी और कम होने वाली है। एनएचएआई ने 90 दिन में डिगडोल और खूनी नाला के बीच बन रही टनल को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। करीब 3,200 मीटर लंबी इस टनल का इस्तेमाल साल के 12 महीने वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा सकेगा। एनएचएआई इस टनल को रामबन-बनिहाल सेगमेंट का नाम दिया है।
नेशनल हाईवे पर टनल बनने से रामबन-बनिहाल के बीच बर्फबारी का असर कम हो जाएगा। टनल का निर्माण डबल लेन में किया जा रहा है। यहां दोनों तरफ ट्यूब बनाई जा रहीं हैं। टनल का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एनएचएआई ने निर्माण की समीक्षा के बाद डेडलाइन तय कर दी है। इसके लिए निर्माता एजेंसी को निर्देश जारी कर दिए हैं।
नेशनल हाईवे के इस हिस्से की रिपोर्ट केंद्रीय सड़क राजमार्ग मंत्रालय को भी भेजी है। एनएचएआई के अनुसार यह हिस्सा सर्दियों में सबसे अधिक प्रभावित रहता है। टनल बनने के बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी।
अगस्त में पूरा होगा श्रीनगर का रिंगरोड
श्रीनगर रिंग रोड फेज-एक के इस साल अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। यह रिंग रोड करीब 42 किलोमीटर लंबा है। निर्माण पूरा होने के बाद यातायात बहाल कर दिया जाएगा। एनएचएआई ने इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से एनएचएआई की इस क्षेत्र में नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, रणनीतिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने और नागरिकों और माल ढुलाई दोनों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता मजबूत होती है।
जम्मू व श्रीनगर के बीच आसान होगा यातायात : एनएचएआई
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर सेक्शन पर रामबन-बनिहाल सेगमेंट में डिगडोल और खूनी नाला के बीच लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल मार्च तक पूरी होगी। इस निर्माण के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यहां निर्माणकर्ता कंपनी दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा, निर्माण पूरा होने के बाद जम्मू और श्रीनगर के बीच यातायात आसान होगा।





