21 की उम्र में ऐसे करोड़पति बना ये 8th फेल लड़का, आज CBI भी लेती है मदद

नई दिल्ली. आज देश में जानलेवा ऑनलाइन ब्लू व्हेल गेम लगातार सुर्खियों में है। सरकार, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, साइबर टीम, एथिकल हैकर्स आदि इस बात का पता लगाने में जुटे हुए हैं कि ये गेम लोगों तक कैसे पहुंच रहा है जो कि सभी के लिए हानिकारक बनता जा रहा है। आज हम आपको एक ऐसे एथिकल हैकर्स के बारे में बता रहे हैं, जो 8th क्लास में फेल हो गया था जिसके कारण उसे घर से बहुत डांट पढ़ी थी। इस लड़के की टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी आज करोड़ों कमा रही है। बता दें कि इस लड़के ने अपने शौक को बिजनेस का रूप दिया जिस कारण वो आज यहां तक पहुंचा है। 
21 की उम्र में ऐसे करोड़पति बना ये 8th फेल लड़का, आज CBI भी लेती है मदद

क्या करते हैं त्रिशनित…

– लड़के की उम्र मात्र 23 साल है जिसका नाम त्रिशनित अरोड़ा हैं।
– त्रिशनित लुधियाना की मिडिल क्लास फैमिली से बिलांग करते हैं, जिनकी बचपन से ही पढ़ाई में कम और कंप्यूटर में ज्यादा दिलचस्पी थी। 
– त्रिशनित दिनभर कंप्यूटर में हैकिंग का काम सीखते थे, जिस कारण वे पढ़ाई से दूर रहे और 8th क्लास में फेल हो गए।
– 8th के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन आगे चल कर उन्होंने 12th के एग्जाम दिए।
– वे एक एथिकल हैकर है जिसमें नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है।
– इनकी निगरानी सर्टिफाइड हैकर्स करते हैं, जिससे कि किसी नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी कॉन्फिडेन्शियल ही रहे।

CBI से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज भी है इनकी क्लाइंट

– दो साल पहले जब उनकी उम्र 21 वर्ष थी, उन्होंने टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी बनाई।
– त्रिशनित अब रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियाें को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं।
– वे ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्टफोन्स’ जैसी किताबें लिख चुके हैं।

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दुबई-यूके में वर्चुअल ऑफिस, ऐसे मिली ट्रेनिंग

– दुबई और यूके में कंपनी का वर्चुअल ऑफिस है। करीब 40% क्लाइंट्स इन्हीं ऑफिसेस से डील करते हैं।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनियाभर में 50 फॉर्च्यून और 500 कंपनियां क्लाइंट हैं। जिससे उनकी कंपनी को करोड़ों का टर्नओवर होता है।
– सेल्फ स्टडी और पिता के साथ एक्स्पेरिमेंटिंग से तैयार हुए, यूट्यूब के वीडियो से भी हेल्प मिली।
– इन्होंने नॉर्थ इंडिया की पहली साइबर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम सेटअप किया।
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