77वां गणतंत्र दिवस: औरंगाबाद में आन-बान-शान से फहरा तिरंगा

औरंगाबाद में 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने झंडोत्तोलन किया। उन्होंने जिले की विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि उपलब्धियों का उल्लेख किया तथा स्ट्रॉबेरी उत्पादन में जिले की अग्रणी भूमिका बताई।
औरंगाबाद में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहर के गांधी मैदान में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह औरंगाबाद के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने झंडोत्तोलन किया। इससे पूर्व उन्होंने जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के साथ परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। स्कूली छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान गायन के बाद तिरंगा फहराया गया और प्रभारी मंत्री ने जिलेवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को दी श्रद्धांजलि
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रभारी मंत्री ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही हाल के दिनों में सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह और ओबरा प्रखंड के खरांटी गांव निवासी 19 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी जगतपति कुमार को विशेष रूप से स्मरण किया।
जिले के विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी
प्रभारी मंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण, महिला सशक्तिकरण, विद्युत आपूर्ति, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावास, अटल टिंकरिंग लैब, विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएं, आईसीटी लैब, टैबलेट वितरण और गणित समर कैंप जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।
पोषण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत जिले के 2.41 लाख से अधिक बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं से 3,00,652 लाभुकों को 1100 रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से दिए जा रहे हैं।
आवास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विस्तार
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 99 प्रतिशत से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हो चुके हैं। पंचायत सरकार भवन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना और सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रगति
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल और अनुमंडल अस्पतालों के माध्यम से सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नवजात शिशुओं के लिए एसएनसीयू, कुपोषित बच्चों के लिए एनआरसी तथा गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड और निःशुल्क जांच की सुविधा दी जा रही है।
स्ट्रॉबेरी उत्पादन में औरंगाबाद की अग्रणी भूमिका
कृषि क्षेत्र की चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने हर खेत तक सिंचाई का पानी योजना, मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और बागवानी फसलों के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिला स्ट्रॉबेरी उत्पादन के क्षेत्र में राज्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
महिला सशक्तिकरण के तहत महिला संवाद कार्यक्रम, जीविका के माध्यम से रोजगार सृजन और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। मंत्री ने इन योजनाओं को सामाजिक और आर्थिक मजबूती की दिशा में अहम बताया।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विभिन्न विभागों की झांकियों का अवलोकन किया गया। इनमें कृषि विभाग को प्रथम, परिवहन विभाग को द्वितीय और शिक्षा विभाग को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। संबंधित पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
भूमिहीनों को पर्चा और प्रतिभाओं का सम्मान
इस अवसर पर सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रहे भूमिहीन लोगों को भूमि का पर्चा प्रदान किया गया। साथ ही खेल, उद्योग और महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जयप्रकाश नारायण, उपेंद्र पंडित, मो. सादुल हसन खां, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह सहित जिले के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।





