तीसरी बार 70 हजार रुपए में बहिन और जीजा ने बेचा, सामने आया एक सच और भी..

देश में महिलाओं की स्थिति का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि युवतियों की खरीद-फरोख्त् धड़ल्ले से की जा रही है। चौंकाने वाले तथ्य यह है कि युवतियों को प्लानिंग से अपने ही परिवार वाले बेच रहे है। ऐसा ही कुछ मामला अलवर के शाहजहांपुर में सामने आया है।
दरअसल दिल्ली के एनजीओ ने अलवर की मानव तस्करी निरोधी यूनिट को सूचना दी थी कि झारखंड की एक युवती को शाहजहांपुर के एक गांव में अपहरण कर रखा गया है। सूचना पर टीम जब गादली गांव पहुंची तो जांच करने पर उसके भी होश उड़ गए। जिस युवती तलाश के लिए टीम गादली गांव पहुंची व यहां निवासी सुनील के घर से बरामद की गई। युवती ने पुलिस को बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ है अपितु उसके बहिन—जीजा करीब छह माह पूर्व उसे 70 हजार रुपए में बेच गए थे। युवती ने बताया कि वह झारखंड के लुंडली गांव की रहने वाली है। लेकिन जो युवती ने आगे बयान दिया उसने सभी को चौंका दिया। यह कहा युवती ने..
पीड़ित ने बताया कि उसके परिवार ने उसे तीसरी बार बेचा है। दो वर्ष में उसका सौदा तीसरी बार सुनील के साथ किया गया है। हालांकि सुनील व उसका परिवार इस बात से अंजान है कि इस युवती की दो बार पहले भी शादी हो चुकी है। वहीं गांव वालों का कहना है सुनील व उसका परिवार इस युवती के लिए अब तक यही कहता आया है वे शादी कर इसे लाए है। गौरतलब है अलवर में बड़े पैमान पर झारखंड, बिहार व पश्विम बंगाल से लड़कियों को खरीदकर लाया जाताा है।
जिस युवती को पुलिस ने बरामद किया है उसकी मां, नानी, मामा व भाई उससे लगातार मिलने आते रहे। जबकि दिल्ली के एनजीओ को परिवार वालों ने उसके अपहरण की सूचना दी थी। पुलिस के अनुसार युवतियों के खरीद-फरोख्त के मामले में यह सामने आया है कि झारखंड व पश्चिम बंगाल में रहने वाले गरीब परिवार युवतीयों को बेच देते है। उसके बाद झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें ले जाते है। इसके बाद वे पुन: इन युवतियों को बेच देते है।
गादली गांव से बरामद युवती को मानव तस्करी निरोधी यूनिट अलवर ले गई है। वहीं स्थानीय पुलिस का कहना है शाहजहांपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय है। जो दूसरे राज्यों से लड़कियों की यहां लाकर शादी करवाते है और मोटा कमीश्न लेते है। इस मामले में सुनील के परिजनों ने बताया कि उनका सौदा कांकर निवासी सतपाल मेघवाल, मनोज लाला व मुकेश के माध्यम स तय हुआ था।





