जयपुर.वित्त विभाग ने मंगलवार को सातवें वेतनमान पर डीसी सामंत पे कमेटी की रिपोर्ट को कैबिनेट कमेटी के समक्ष रखा। कैबिनेट कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी है। अब इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी और अन्य प्रोसेस के बाद यह लागू होगा। माना जा रहा है कि सातवें वेतनमान की घोषणा 29 सितंबर को हो सकती है। फिलहाल कर्मचारियों को वेतन और पेंशन ही बढ़कर मिल सकते हैं। एचआरए और अन्य भत्तों के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है। राज्य सरकार भत्तों के लिए अलग से कमेटी बना सकती है।
– उधर, कैबिनेट से मंजूर सामंत पे कमेटी की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों के लिए ऑप्शन फार्म जारी होंगे। इसके बाद सरकार सातवें वेतनमान में फिक्सेशन के लिए आदेश जारी करेगी।
भत्ते : 200 तरह के, बड़ी राशि चाहिए, इसलिए देरी
– राज्य सरकार कर्मचारियों को एचआरए के अलावा 200 अन्य तरह के भत्ते और 40 तरह-तरह के विशेष वेतन देती है। इस पर सालाना करीब 38 करोड़ रु. खर्च होते हैं। भत्ते जिस तारीख को घोषित होते हैं, उसी दिन से देने होते हैं। इन पर कोई एरियर लागू नहीं होता। ऐसे में सरकार को भत्तों के लिए मोटा पैसा खर्च करना होगा। इसलिए वह जल्दी के मूड में नहीं है।
– केंद्र ने भी वेतनमान की सिफारिशों के बाद भत्तों के लिए वित्त सचिव अशोक लवासा की अध्यक्षता में अलग से कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की सिफारिशों के बाद केंद्रीय कर्मियों को मिलने वाले 75 भत्ते कम किए गए थे।
– छठे वेतनमान में केंद्रीय कर्मियों को 197 भत्ते मिल रहे थे, जिन्हें घटाकर 122 किया गया। हालांकि, संभावना यही है कि प्रदेश में भी केंद्रीय कर्मियों के बराबर ही एचआरए दिया जाए।