69वां गणतंत्र दिवस, महिला जवानों का करतब देख हर कोई हो गया हैरान

नई दिल्ली । आज देश अपना 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर भारत राजपथ पर अपनी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और विविधताओं का प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय इतिहास में पहली बार आसियान के दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे हैं। राजपथ पर गणतंत्र दिवस का उत्‍सव मनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने सभी आसियान राष्‍ट्राध्‍यक्षों का स्‍वागत किया और राष्‍ट्रपति कोविंद रामनाथ की मौजूदगी में राष्‍ट्रध्‍वज फहराने के साथ ही पूरा राजपथ जन गण मन से गूंज उठा।

फिलहाल परेड का कार्यक्रम चल रहा है। परेड में पहली बार बीएसएफ की महिला जवानाें ने मोटर साइकिल पर करतब दिखाया, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। पांच मोटरसाइकिलों पर सवार 30 महिला जवानों ने अपने करतब से देश को गौरवान्वित कर दिया और उन्‍हें देख हर भारतीय का सीना चौड़ा हो गया।

भारत की स्‍त्री शक्ति का इससे बेमिसाल प्रदर्शन और नहीं हो सकता। महिला जवानों की मोटरसाइकिल पर कलाबाजियां देख समारोह में मौजूद राष्‍ट्रपति समेत सभी गणमान्‍य जनों के चेहरे प्रफुल्लित हो उठे।

महिला शक्ति के बाद राजपथ पर सभी की नजरें आसमान पर टिक गईं। वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों ने आसमान में अपनी ताकत दिखाई। इनमें सुखोई, MK 4, सुपर हरक्यूलिस, ग्लोबमास्टर, सुखोई, जगुआर शामिल रहे। 

परेड की शुरुआत आसियान देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के साथ हुई। यह पहली बार है कि परेड की शुरुआत किसी अन्य देश के दस्ते के साथ हुई हो। पूर्व सैनिकों की झांकी भी निकाली गई। भारत के युद्ध टैंक की क्षमता भी दिखाई गई। इनमें ब्रह्मोस, T-70 टैंक, अग्नि मिसाइल शामिल रहे। निर्भय मिसाइल का प्रदर्शन किया गया, जो रडार को चकमा देकर कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता रखती है। स्वाति रडार का दम भी दिखा। इसके माध्‍यम से सात जगहों पर एक साथ निशाना साधा जा सकता है। सीमा सुरक्षा बल का दस्ता निकला, इस दौरान ऊंटों वाले दस्ते ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। देश की तीनों सेनाओं ने शक्ति और शौर्य का प्रदर्शन किया।

फिलहाल विभिन्‍न राज्‍यों की सांस्‍कृतिक झांकियां पेश की जा रही हैं, जो विविधता में भी एकता का संदेश देने वाली हैं। हिमाचल प्रदेश की बुद्ध को समर्पित ये झांकी दुनिया को शांति का संदेश दे रही है। महाराष्‍ट्र, गुजरात, उत्‍तराखंड, असम, मणिपुर, पंजाब, कर्नाटक, केरल, छत्‍तीसगढ़, लक्षद्वीप, त्रिपुरा जैसे राज्‍यों की भी मनमोहक झांकियां निकली। इनमें रामायण की कहानी बयां करती झांकी भी शामिल है।

राजपथ पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की खूबसूरत झांकी भी निकली। कई अन्‍य मंत्रालयों की भी विशेष थीम के साथ झांकियां निकलीं। साथ ही इसके जरिए विशेष अपील भी की गई। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की ‘खेलो इंडिया’ थीम के साथ झांकी निकली। आयकर विभाग की झांकी में स्वच्छ धन अभियान को बढ़ावा देने की अपील की गई।  

राजपथ पर राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बहादुर बच्‍चों की झांकी भी निकली। देश भर के विभिन्‍न स्‍कूलों के छात्रों ने अपने सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों से भी मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।

वीरता को सलाम करते हुए भावुक हुए राष्‍ट्रपति

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वायुसेना के शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को शांतिकाल के सबसे बड़े वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया. उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त किया। इस दौरान राष्‍ट्रपति भावुक भी नजर आए।

अमर जवान ज्‍योति पहुंच पीएम ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ तीनों सेना के प्रमुख और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं। अमर जवान ज्योति के बाद पीएम मोदी राजपथ पहुंचे, जहां उनका रक्षामंत्री ने स्वागत किया।  

1967 में स्थापित आसियान में थाईलैंड, मलेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस और ब्रूनेई हैं। इन सभी देशों के नेताओं के मुख्य अतिथि बनने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही ऐतिहासिक और अभूर्तपूर्व करार दे चुके हैं।

राष्‍ट्र के नाम राष्‍ट्रपति का संबोधन

देश के 69वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए रामनाथ कोविंद ने लोगों से उदारतापूर्ण व्यवहार और भाईचारे की बात कही। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते हुए विरोध प्रदर्शन करते हुए या किसी दूसरे अवसर पर हम अपने पड़ोसी की सुविधा का ध्यान रखते हैं और यही भाईचारा है। राष्ट्रपति ने इस परोक्ष सांकेतिक टिप्पणी के सहारे असहमति के नाम पर हिंसा को खारिज किया।

फिल्म पद्मावत के विरोध में जारी हिंसा का जिक्र किये बिना राष्ट्रपति ने कहा है कि किसी के नजरिये या इतिहास की किसी घटना के बारे में असहमति हो सकती है मगर एक दूसरे के निजी मामलों और अधिकारों के सम्मान से ही एक सजग राष्ट्र का निर्माण होता है।उन्होंने संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि वे देश के संविधान में कानून का शासन और कानून द्वारा शासन के महत्व को वे बखूबी समझते थे। इस लिहाज से हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें संविधान और गणतंत्र की यह अनमोल विरासत मिली है।

राहुल गांधी की संविधान की रक्षा की अपील

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश की जनता से संविधान की रक्षा के अपने प्रण को दोहराने की अपील की है। संवैधानिक संस्थाओं पर एनडीए सरकार के प्रहार करने के कांग्रेस के आरोपों का जिक्र किये बिना राहुल ने कहा कि संविधान हमारे गणतंत्र की अमूल्य थाती है। इसीलिए हम सब को एक व्यक्ति के रुप में संविधान को किसी तरह के खतरे से बचाने की अपनी उम्र भर के दायित्व को जीवंत बनाये रखना चाहिए। 

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