प्रांतीय रक्षक दल के जवानों के संरक्षण को पुष्कर सिंह धामी ने की 5 घोषणाएं

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में प्रान्तीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्थापना दिवस पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर मान प्रणाम ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने पीआरडी के घोष वाक्य ‘अहमस्मि योध:’ का लोकार्पण किया और पीआरडी स्वयं सेवकों के आश्रितों को सहायता राशि का वितरण भी किया। साथ ही, उनके संरक्षण और प्रगति के लिए 5 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कि पीआरडी स्वयं सेवकों को प्रत्येक दो वर्ष पर एक गर्म वर्दी एवं एक सामान्य वर्दी विभाग द्वारा दी जाएगी। उनको प्रशिक्षण एवं पुनर्प्रशिक्षण के समय दी जानी वाली वर्दी की दर 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए की जाएगी। सभी पंजीकृत डयूटी पर तैनात पीआरडी स्वयं सेवकों को होमगार्ड स्वयं सेवकों की भांति 200 रुपए प्रतिमाह ड्यूटी दिवस के अनुमानित में धुलाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि विकासखंड स्तर पर तैनात ब्लाक कमांडर एवं न्याय पंचायत स्तर पर तैनात हलका सरदार का मासिक मानदेय क्रमश: 600 रुपए एवं 300 से बढ़ाकर प्रतिमाह 1000 रुपए एवं 500 रुपए किया जाएगा। आपदा बचाव कार्य में तैनात पीआरडी स्वयं सेवकों को 50 रुपए प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा।

धामी ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक अपनी निरंतर सेवा और समर्पण भाव से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा कार्य, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में पीआरडी द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पीआरडी स्वयं सेवकों के हित में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों के मृतक आश्रितों के पंजीकरण हेतु शासनादेश जारी किया गया है। अभी तक 116 मृतक आश्रितों को पंजीकृत किया गया है, इनमें से 70 मृतकों के आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया है, जिसमें 25 महिलाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रान्तीय रक्षक दल कल्याण कोष संशोधित नियमावली अगस्त 2023 में प्रख्यापित की गई है, जिसमें आर्थिक सहायता की धनराशि में वृद्धि करते हुए साम्प्रदायिक दंगो के दौरान, ड्यूटी पर मृत्यु की दशा में देय एक लाख रुपए को बढ़ाकर 02 लाख किया गया है। इसके साथ ही, अति संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु की दशा में देय 75 हजार रुपए को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु की दशा में देय 50 हजार को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपए का प्राविधान किया गया है, जिससे सीधे तौर पर पीआरडी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी पीआरडी स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया, जिसके सम्मान में सरकार द्वारा 4651 पीआरडी स्वयंसेवकों को पुरस्कार स्वरूप छह हजार प्रति स्वयंसेवक प्रदान किए गए थे।

राज्य की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पीआरडी का स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए अनेक सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। राज्य की चारधाम यात्रा, कांवड़ और समय-समय पर आई आपदाओं में पीआडी स्वयं सेवकों द्वार अपने कार्यों के बल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव, खेल एवं युवा कल्याण, आईपीएस अमित सिन्हा, निदेशक युवा कल्याण जितेन्द्र सोनकर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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