बहुत कम लोगों को होगी इस बात की जानकारी, भारत में 1 जनवरी ही नहीं बल्कि 5 बार मनाया जाता है नया साल

साल 2018 खत्म होने में और साल 2019 में अब कुछ ही घंटे बचे हैं. भारत ही नहीं पूरी दुनिया में लोग नया साल मनाते हैं. मगर हर देश में न्यू ईयर मनाने का तरीका अलग-अलग होता है. वहीं भारत एक ऐसा देश है जहां पर साल में 5 बार नया साल सेलिब्रेट किया जाता है. तो चलिए आपको बताते हैं कब-कब मनाया जाता है नया साल…
क्रिश्चियन न्यू ईयर
ईसाई धर्म के लोग 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं. ईसा पूर्व 45 में वर्ष में जूलियस सीजर ने जूलियन कैलेंडर बनाया था, तब से 1 जनवरी को नववर्ष मनाया जाता है. 15 अक्टूबर 1582 से नये साल की शुरूआत हुई थी. इसके कैलेंडर का नाम ग्रिगोरियन कैलेंडर है.
पारसी नया साल
पारसी धर्म का नया वर्ष नवरोज उत्सव के रूप में मनाया जाता है. आमतौर पर 19 अगस्त को नवरोज का उत्सव मनाया जाता है. 3000 वर्ष पूर्व शाह जमशेदजी ने नवरोज मनाने की शुरुआत की थी.
पंजाबी नववर्ष
पंजाब में नया साल वैशाखी पर्व के रूप में मनाया जाता है. जो अप्रैल में आती है. सिख नानकशाही कैलेंडर के अनुसार होली के दूसरे दिन से नए साल की शुरुआत मानी जाती है.
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हिंदू नववर्ष
हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है. इसे हिंदू नव संवत्सर या नया संवत् भी कहते हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी. इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि अप्रैल में आती है. इसे गुड़ी पड़वा, उगादी आदि नामों से भारत के कई क्षेत्रों में मनाया जाता है.
जैन नववर्ष
जैन नववर्ष दीपावली के अगले दिन से शुरू होता है. इसे महावीर निर्वाण संवत भी कहा जाता है. इसी दिन से जैनी अपना नया साल मनाते हैं.





