सऊदी अरब में तीन दशक से अधिक समय के अंतराल के बाद इस महीने की 18 तारीख को यहां पहला सिनेमाघर शुरू किया जाएगा. देश में पिछले वर्ष उदारवादी कदम उठाते हुए सिनेमा पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया था. सऊदी की सरकारी मीडिया के अनुसार, एएमसी एंटरटेन्मेंट को सिनेमाघर चलाने के लिए पहला लाइसेंस दिया गया है. उम्मीद की जा रही है कि यह अमेरिकी कंपनी अगले पांच वर्ष में सऊदी अरब के 15 शहरों में 40 से ज्यादा सिनेमाघरों की शुरूआत करेगी.

सूचना मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संचार केन्द्र की ओर से जारी बयान के अनुसार एएमसी राजशाही में पहला सिनेमाघर 18 अप्रैल को रियाद में खोलने की योजना बना रहा है. गौरतलब है कि एएमसी एंटरटेन्मेंट ने दिसंबर में सऊदी अरब के साथ एक समझौता किया था. मंत्रालय के अनुसार साल 2030 तक 300 सिनेमाघरों मे 2000 से अधिक स्क्रीन शुरू हो की जाएंगी.

समुंदर के नीचे बिछे इंटरनेट केबल पर मंडरा रही हैं रूसी पनडुब्बियां

1970 के दशक में सऊदी अरब में सिनेमाघर हुआ करते थे, लेकिन मौलवियों ने मजहब का हवाला देते हुए वहां के अधिकारियों को इन्हें बंद करने के लिए राजी कर लिया था. इस साल जनवरी में ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज अल अल-शेख़ ने कथित तौर पर सिनेमाघरों चेतावनी दी थी कि अगर सिनेमाघरों को शुरू करने की अनुमति दी गई तो वे समाज के नैतिक मूल्यों को बिगाड़ देंगे.

सऊदी क्राउन प्रिंस का कहना है कि वह सऊदी अरब को उदार इस्लाम की तरफ ले जाना चाहते हैं और वह देश में कट्टरपंथी इस्लामी प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. हाल में सऊदी अरब में महिलाओं के ड्राइविंग करने पर लगी पाबंदी हटाने के फैसले के पीछे भी  प्रिंस को माना जा रहा है. हाल के महीनों में सऊदी अरब ने कॉन्सर्ट, कॉमिक-कॉन पॉप कल्चर फेस्टिवल का आयोजन किया था जिसमें लोगों को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संगीत पर सड़कों पर नृत्य करते देखा गया.

हालांकि सऊदी फिल्मकारों का मानना है कि इंटरनेट और यूट्यूब के जमाने में सिनेमाघरों पर पाबंदी लगाए रखने का कोई मतलब नहीं है. इंटरनेट के माध्यम से सऊदी अरब की फिल्में दुनिया भर में पहुंच रही हैं. इन फिल्मों की सराहना भी हो रही है.