75 फीसदी उपस्थिति पर ही दे पाएंगे परीक्षा, CBSE ने जारी किया आदेश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के एक नए निर्देश ने छात्रों और अभिभावकों की बेचैनी बढ़ा दी है। बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में शामिल होने को छात्र-छात्राओं के लिए एक जनवरी 2019 तक 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। सभी प्रधानाचार्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि छात्रों की उपस्थिति मानक के अनुसार नहीं होने पर उन्हें परीक्षा से रोक दिया जाए। बोर्ड की ओर से इस प्रकार का आदेश पहली बार जारी किया गया है।
सीबीएसई के पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद लिया गया है। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में यह आदेश समान रूप से लागू होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीएसई ने स्कूल प्रशासन से दसवीं एवं बारहवीं के बोर्ड के छात्रों की उपस्थिति की गणना एक जनवरी 2019 तक पूरी करने को कहा है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि उपस्थिति कम रहने की दशा में वंचित किए गए परीक्षार्थी अपना पक्ष सीबीएसई के पास 15 जनवरी तक रख सकते हैं।
दसवीं, बारहवीं का कार्यक्रम माह के अंत तक
प्रयागराज। सीबीएसई की दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा के कार्यक्रम की घोषणा दिसंबर माह के अंत तक होगी। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं दिसंबर और जनवरी में होंगी। सीबीएसई की परीक्षाएं हर वर्ष की भांति इस बार भी मार्च महीने में संभावित हैं।
परीक्षा से पहले स्कूलों में शुरू हुआ रिवीजन, होगी काउंसलिंग
प्रयागराज। सीबीएसई से संबंधित स्कूलों में सेकेंड टर्म की परीक्षाएं महीने के अंत में होंगी। स्कूलों में इस समय रिवीजन कक्षाएं शुरू हो गईं हैं। स्कूलों में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों को विषयवार टॉपिक के अनुसार रिवीजन कराया जा रहा है।
रिवीजन पूरा होने के बाद सेकेंड टर्म की परीक्षाएं होंगी। सेकेंड टर्म की परीक्षाओं के बाद प्री-बोर्ड की परीक्षाएं होंगी। प्री-बोर्ड पूरा होने के बाद छात्रों की काउंसलिंग होगी। परीक्षा से पहले रिवीजन, सेकेंड टर्म की परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की विषय में कमजोरी दूर होगी।





