पानी की किल्लत से निपटने के लिए 239 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, जल मंत्री प्रवेश वर्मा की विधानसभा में घोषणा!

जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में जलापूर्ति को बढ़ाने के लिए कई बड़े उपायों की घोषणा की।

गर्मियों के दस्तक देते ही संभावित जल संकट से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में जलापूर्ति को बढ़ाने के लिए कई बड़े उपायों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों में 249 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे और 426 पानी के टैंकर बेड़े में शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा जल वितरण की निगरानी के लिए कमांड सेंटर बनाया गया है, जिसका उद्घाटन जल्द मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी।

मंत्री ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। दिल्ली की दैनिक जल आवश्यकता 1200 मिलियन गैलन (एमजीडी) है, वर्तमान में केवल 990 एमजीडी की आपूर्ति ही हो पा रही है। इस 210 एमजीडी की कमी को पूरा करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मई तक 96, जून में 88 और जुलाई में 55 ट्यूबवेल काम करना शुरू कर देंगे। इसके अलावा 10 ट्यूबवेल और लगाए जाएंगे। वहीं, पानी के टैंकरों की संख्या 901 से बढ़ाकर 1327 की जाएगी। ये टैंकर सेंसर युक्त होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैंकर अस्थायी समाधान हैं और सरकार पानी की कमी के मूल कारणों को दूर करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है।

32 सुपर सकर मशीनें लगाई जाएंगीमंत्री ने बताया कि सीवरों की सफाई के लिए जल्द ही 32 नई सुपर सकर मशीनें लगाई जाएंगी। इसके अलावा 30 और मशीनों के लिए टेंडर को मंजूरी दे दी गई है, ताकि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक मशीन उपलब्ध हो सके। आश्वासन दिया कि चार महीने के भीतर सभी गटर और सीवरों से गाद साफ कर दी जाएगी। इसके अलावा रखरखाव और परियोजना कार्यों के लिए 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही, प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मजदूरों की संख्या को भी 10 से बढ़ाकर 20 किया जाएगा।

पानी के बकाया बिल के समाधान के लिए आएगी नई योजना
विधानसभा में बुधवार को पानी की समस्या और बकाया बिलों को लेकर चर्चा हुई। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि भारी भरकम और गलत तरीके से बनाए गए बिल को निपटाने के लिए नई योजना लाई जाएगी। जब तक समाधान नहीं निकलता कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे।

पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि दस वर्षों में जनता को डराने और धमकाने के लिए लाखों रुपये के फर्जी बिल भेजे गए। 100 गज और 25 गज के छोटे मकानों में भी लाखों रुपये के बिल भेजे जाना आम बात हो गई थी। इससे गरीब व मध्यवर्गीय परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बकाया बिल से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है और जल्द ही जनता को राहत देने के लिए नई योजना लागू की जाएगी। सर्विस चार्ज, पेनाल्टी और ब्याज के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इनका समाधान निकाला जाएगा। कई कर्मी गलत रीडिंग डालकर लोगों के ज्यादा बिल बना देते हैं। इससे कई बार उपभोक्ताओं को अनुचित रूप पैसा चुकाना पड़ता है। इस तरह की धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

गलत बिलिंग की शिकायतों पर अब कड़ी नजर रखी जाएगी और जनता से अपील की गई है कि वह किसी भी गलत बिल के लिए सेटलमेंट में न जाएं, बल्कि सीधे शिकायत दर्ज कराएं। खराब मीटरों को बदलने और जांच कराने की भी योजना बनाई गई है। बकाया बिल की समस्या के समाधान के लिए लाई जाने वाली योजना से लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे उन लोगों को फायदा होगा, जो गलत बिलिंग की समस्या से परेशान हैं। सरकार जल्द ही इस योजना की पूरी जानकारी सार्वजनिक करेगी।

Back to top button