23 जनवरी को आएगी नर्सरी दाखिले की पहली सूची, निराश होने के बजाय इंतजार करें अभिभावक

नर्सरी में बच्चे के दाखिले का इंतजार कर रहे अभिभावक यदि संशय में हैं, तो वह निराश न हों। कई स्कूलों में आवेदन के कारण उनके बच्चे को कहीं ना कहीं दाखिला दिला सकता है। नामचीन स्कूल में दाखिले को लेकर ज्यादा मारामारी रहती है। स्कूलों का कहना है कि पहली सूची में बच्चे को जहां दाखिला मिल रहा हो, वहां उन्हें बच्चे के दाखिले के लिए सीट को पक्का करना चाहिए। मालूम हो कि 23 जनवरी तक स्कूलों में दाखिले की पहली सूची जारी हो जाएगी।
स्कूल प्राचार्यों ने कहा कि हो सकता है कुछ बच्चों का दाखिला पहली सूची में नहीं हो, ऐसे में उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। यदि पहली सूची में नाम नहीं आएगा तो दूसरी सूची में दाखिले के लिए सीट पक्की हो सकती है। दरअसल अभिभावकों ने कम से कम पांच से सात स्कूलों में आवेदन किया है। इसके लिए उन्हें प्राथमिकताएं तय की है। कई अभिभावक ऐसे हैं जिन्होंने दस से अधिक स्कूल में आवेदन किया है। ऐसे में बच्चों को किसी एक स्कूल में तो दाखिला मिल ही जाएगा।
नामचीन स्कूलों में ज्यादा रहेगी मारामारी
नेबरहुड, सिबलिंग, एल्युमिनी जैसे मानकों के अंक ही दिला सकते हैं स्कूल में दाखिला दिला सकते हैं। कई स्कूलों में जहां 40 अंक पर भी दाखिला हो सकता है तो कहीं 70 से अधिक अंक होने पर ही दाखिला होगा। एक अभिभावक किसी एक स्कूल में ही सीट पक्की करेगा तो अन्य स्कूलों में उसकी सीट खाली होगी तो किसी दूसरे को दाखिले का लाभ मिल सकता है। खासकर बी श्रेणी के स्कूलों में तो दाखिले के चांस काफी ज्यादा हैं।
नामचीन स्कूलों में ही दाखिले के लिए मारामारी रहती है। स्कूलों का मानना है कि यदि बी श्रेणी के स्कूल में भी नंबर आए तो अभिभावकों को एक बार तो सीट को पक्का कर ही लेना चाहिए। उसके बाद दूसरे किसी स्कूल में सूची में नाम आ जाए तो वहां पर दाखिला ले सकते हैं। यदि पहले किसी अच्छे स्कूल में नाम नहीं आता तो अभिभावक दूसरी सूची का इंतजार करते हैं। दूसरी सूची में अच्छे स्कूल में दाखिले की उम्मीद के कारण दाखिले से वंचित रह जाते हैं। मनपसंद स्कूल में दाखिले के लिए नंबर आने का इंतजार न करें।





