उत्तर भारत के पर्यटक सस्ते में पूर्वी भारतीय पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। आईआरसीटीसी ने भारत दर्शन यात्रा सेवा के तहत एक विशेष रेलगाड़ी चला रही है जो सात रात व आठ दिन में पर्यटकों को गया का विष्णुपद मंदिर, पुरी का जगन्नाथ मंदिर, कोलकाता के पास गंगासागर और वैद्यनाथ धाम का रावणेश्वर महादेव का दर्शन करायेगी। यात्रा के पूरे पैकेज के लिए 945 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 7,560 रुपये का शुल्क रखा गया है।
सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी यात्रा
आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटकों को ध्यान में रख कर भारत दर्शन रेलगाड़ी आगामी दो दिसंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी, जिसमें मथुरा, आगरा कैंट, इटावा, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी से भी यात्री सवार हो सकते हैं।
यह गाड़ी गया के प्रसिद्घ विष्णुपद मंदिर, चारों धामों में से एक पुरी का जगन्नाथ पुरी मंदिर, कोणार्क में सूर्य मंदिर, कोलकातापास गंगासागर, कोलकाता के काली घाट स्थित काली मंदिर और झारखंड के वैद्यनाथ धाम स्थित रावणेश्वर महादेव का दर्शन कराएगी। वैद्यनाथ धाम दर्शन के बाद गाड़ी वापस आ जाएगी और उसके बाद जो यात्री जिस स्टेशन से गाड़ी में चढ़े थे, उसी स्टेशन पर उतर जाएंगे।
पंडित-पंडे पर आने वाले खर्च नहीं है भाड़े में शामिल
दो दिसंबर की सुबह ही यह गाड़ी दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना हो जाएगी और दूसरे दिन सुबह गया पहुंच जाएगी। वहां से यात्रियों को विष्णुपद मंदिर ले जाया जाएगा। वहां जो श्रद्धालु अपने पितरों को पिंडदान करना चाहें, उन्हें इसका भी अवसर मिलेगा, लेकिन उन्हें अपने खर्च पर पंडा की सेवा लेनी होगी। इसके बाद शाम में गाड़ी पुरी के लिए रवाना हो जाएगी।
अगले दिन गाड़ी पुरी पहुंच जाएगी। वहां दिन में जगन्नाथपुरी का मंदिर भ्रमण कराया जाएगा। रात्रि विश्राम पुरी में ही होगा। उसके बाद अगले दिन यात्रियों को कोणार्क का सूर्य मंदिर दिखाया जाएगा। इसके बाद पर्यटक गंगासागर भ्रमण के लिए शालीमार को रवाना हो जाएंगे।
पांचवें दिन गाड़ी सुबह ही शालीमार पहुंच जाएगी। वहां से पर्यटकों को नॉन एसी आरामदेह बस से गंगासागर ले जाया जाएगा। वहां पवित्र नदी गंगा के सागर में मिलन का दृश्य दिखाने के बाद पर्यटकों का वहां के मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा। उसके बाद रात्रि विश्राम की वहीं व्यवस्था होगी।
अगले दिन यात्री कोलकाता आएंगे जहां काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। उस दिन रात में गाड़ी वैद्यनाथ धाम जाने केलिए जसीडीह को रवाना हो जाएंगे। सातवें दिन गाड़ी जीसडीह पहुंचेगी जहां से रावणेश्वर महादेव का दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद आठ दिसंबर को शाम में गाड़ी वापसी यात्रा पर निकाल जाएगी और नौ दिसंबर की रात दिल्ली पहुंच जाएगी।
शुल्क में भाड़े के साथ शामिल हैं सभी आवश्यक खर्चे
इस पैकेज में प्रतिदिन 945 रुपये के हिसाब से शुल्क तय किया गया है, जिसमें सेवा कर भी शामिल है। इसी शुल्क में हर वक्त का खाना-पीना, चाय, रेलवे स्टेशन से आरामदायक बसों में भ्रमण, जरूरत पड़ने पर धर्मशाला या किसी डोरमेट्री में रात्रि विश्राम आदि भी शामिल है।
आईआरसीटी की तरफ से चलाये गए इस विशेष ट्रेन में सुरक्षा की भी पुख्ता व्यवस्था होती है और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है। भारत दर्शन योजना केन्द्र सरकार की योजना है ताकि सस्ते में लोग देश का दर्शन कर सके।
जब यह योजना शुरू हुई थी, उस समय इसका दैनिक शुल्क 500 रुपये था। लेकिन कालांतर में महंगाई का असर इस पर भी पड़ा और अब इसका शुल्क 945 रुपये प्रतिदिन हो गया है।