180 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी स्लीपर वंदे भारत, घंटों का सफर मिनटों में कराएगी

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लखनऊ के रास्ते पांच रूट पर दौड़ेंगी। पटना, जयपुर, मुंबई, जम्मू, दिल्ली के लिए इनका संचालन होगा। उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर मध्य रेलवे के अफसर प्रस्ताव बना रहे हैं।
हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें जल्द ही लखनऊ के रास्ते पांच रूट पर चलाई जाएंगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पटना, जयपुर, मुंबई, जम्मू व दिल्ली रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को दौड़ाने की योजना है। पहले चरण में मुंबई व पटना रूट पर इन्हें उतारा जाएगा। यह संचालन तीन महीने के अंदर शुरू हो जाएगा।
ट्रेनों के संचालन के लिए उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर मध्य रेलवे के अफसर प्रस्ताव बना रहे हैं, जो जल्द ही रेलवे बोर्ड व जोनल मुख्यालयों को भेजा जाएगा। हाल ही में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की बात कही। यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेंगी, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसी क्रम में लखनऊ के रास्ते चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का खाका भी तैयार किया जा रहा है।
पहले चरण में दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ वंदे भारत स्लीपर चलाई जाएगी। ऐसे ही लखनऊ से पटना, मुंबई, जयपुर व अयोध्या से जम्मू वाया लखनऊ भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे यात्रियों को खासी राहत हो जाएगी। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि पहले चरण में दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी। इसमें मुंबई व पटना रूट शामिल होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन महीने के अंदर यह ट्रेनें पटरी पर आ जाएंगी। शेष ट्रेनें छह से आठ महीने में शुरू होंगी।
…इसलिए खास है वंदे भारत स्लीपर
ट्रेन 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे समय की बचत होगी। ट्रेन में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच, फायर सेफ्टी सिस्टम और एआई आधारित कैमरे होंगे। सेंसरयुक्त दरवाजों के साथ आरामदायक सीटें व उच्च स्वच्छता मानक बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक शामिल हैं, जिससे 99.9 प्रतिशत कीटाणु नष्ट होंगे। इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम, लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन होगा।
इतनी होंगी सीटें
वंदे भारत ट्रेन में 16 कोच होंगे जिसमें कुल 823 यात्री सफर सकेंगे। ट्रेन में 11 कोच थर्ड एसी के, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी का रहेगा। थर्ड एसी की बोगियों में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्री सफर कर सकेंगे।





