18 लाख का कर्ज चुकाने के लिए दो दोस्तों ने लूटे थे 5 करोड़, हुए गिरफ्तार

शमसाबाद के मोहल्ला हरसहाय खिड़की में 27 जनवरी की शाम सराफ मुकलेश गुप्ता (62) और उनकी पत्नी लता गुप्ता ( 60) की हत्या कर चार करोड़ 76 लाख की लूट कस्बा के ही परचून व्यापारी कपिल गुप्ता (32) और ऑटो किराए पर देने वाले उसके दोस्त ओम बाबू राठौर (32) ने की थी। दोनों पर कुल 18 लाख का कर्ज हो गया था, इसे उतारने के लिए यह वारदात की।

पुलिस ने फतेहपुर सीकरी से दोनों को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। उनसे 11 किलो सोना, 24 किलो 700 ग्राम चांदी, 13 लाख 50 हजार कैश (कुल मिलाकर चार करोड़ 75 लाख ) बरामद किया गया है। हत्या में इस्तेमाल सुआ भी मिला है। जेवरात को मथुरा में जितेंद्र उर्फ जीतू सटोरिए को बेचने जा रहे थे।

एडीजी जोन अजय आनंद ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में बताया कि डबल मर्डर और लूटकांड का मास्टरमाइंड कपिल गुप्ता है। उस पर दस लाख का कर्ज हो गया था। ओम बाबू पर आठ लाख का कर्ज था। दोनों शमसाबाद में इरादतनगर रोड पर रहते हैं। 15 साल से दोस्त हैं। कपिल गुप्ता को मालूम था कि 20 साल से सराफा कमेटी के अध्यक्ष मुकलेश गुप्ता 90 साल से चल रही दुकान के जेवरात घर ले जाते हैं।

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उसने ओम बाबू से कहा कि अगर इन्हें लूट लिया जाए तो न केवल कर्ज उतर जाएगा बल्कि रातोंरात अमीर भी बन जाएंगे और जिंदगी ऐश ओ आराम में कटेगी। 22 जनवरी को दोनों ने साजिश तैयार कर ली।

इसके तहत 22 को ही कपिल ने मुकलेश की दुकान से अंगूठी खरीदी और इसका दस हजार रुपये बाद में देने के लिए कहा, ताकि इसके बहाने घर जा सके। दोनों ने रेकी कर देखा कि घर में कैमरा लगा है। दोनों 26 को लूटपाट के लिए गए लेकिन गेट से ही अंदर लता गुप्ता और मुकलेश नजर आए तो लौट आए। साजिश मुकलेश के बाहर होने पर लता गुप्ता की हत्या कर लूटपाट करने की थी।

27 की शाम फिर से पहुंचे। मुकलेश घर आने के बाद मंदिर गए थे। लता गुप्ता अकेली थीं। उनकी कपिल ने गला घोंटकर हत्या की, फिर ओम ने सुआ घोंपा। सात में से तीन अलमारियों में से सोने, चांदी के जेवरात और कैश लूट लिया, कैमरे की डीवीआर निकाल ली। तभी मुकलेश आ गए। उनकी हत्या कर लाश को कमरे से टट्टर (लॉबी) में ले गए। तीन बैग में भरा सामान एक बैग में किया और भाग गए। पुलिस ने दोनों को फतेहपुर सीकरी से गिरफ्तार कर लिया। वे मथुरा में सोने और चांदी के जेवरात बेचने के लिए जा रहे थे।

कॉल डिटेल से सुराग मिला, सर्विलांस से लोकेशन
अंगूठी का पैसा मांगने के लिए मुकलेश गुप्ता ने 27 की सुबह कपिल गुप्ता को फोन किया था। मुकलेश की कॉल डिटेल में मिले नंबरों में कपिल का नंबर भी था। पुलिस ने इसकी डिटेल निकलवाई तो इसकी शाम की लोकेशन ( घटना के समय की ) मुकलेश के घर के पास की निकली।

सर्विलांस से इसकी और लोकेशन ट्रेस की गई तो पता चला कि घटना के बाद यह शमसाबाद से बाहर चला गया है। इसके साथ एक और नंबर की लोकेशन बदल रही थी। यह ओम बाबू का था। पुलिस ने दोनों के घर दबिश दी तो नहीं मिले। उनकी मौजूदा लोकेशन ट्रेस की गई तो आखिरी फतेहपुर सीकरी की मिली। वहीं से पकड़ लिया गया।

जिसने बचपन में लाड दिखाया, उसी का खून कर दिया

मास्टरमाइंड कपिल गुप्ता के दादा वेद प्रकाश गुप्ता मुकलेश गुप्ता के पिता ओम प्रकाश के यहां मुंशी थे। सराफा, साहूकारी और जमीन जायदाद का हिसाब किताब रखते थे।

मुकलेश के परिवार के लोगों ने बताया कि दादा से मिलने के लिए कपिल घर आता था, तो ओम प्रकाश उसे गोदी में ले लेते थे, कभी खाली हाथ वापस नहीं जाने देते थे, उसके लिए बाजार से कुछ न कुछ खाने का सामान जरूर मंगाते थे। मुकलेश भी उसे लाड दिखाते थे, पिता के कहने पर वह ही उसके लिए टॉफी, कचरी लाते थे। तब क्या पता था, जिसे इतना लाड दिखा रहे हैं, वह एक दिन जान ले लेगा।    

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