15 अप्रैल को खुलेगा लॉकडाउन? CM योगी ने की तैयारियां शुरू!
लखनऊ : देशभर में कोरोना वायरस का खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर दो हजार के पार जा चुकी है. इस बढ़ते खतरे के चलते सरकार ने देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का ऐलान किया है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी शुक्रवार को कहा कि अगर 15 अप्रैल से लॉकडाउन (Lockdown) खुलता है, तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे. ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा. इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराना बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा. इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें. स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और मॉल कब और कैसे खुलेंगे, मुख्यमंत्री ने इसकी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है.
लखनऊ में शुक्रवार को अपने सरकारी आवास (5, कालीदास मार्ग) पर टीम-11 की बैठक में सीएम योगी ने कहा कि “हर जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाना सुनिश्चित करें. इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें. संबंधित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाएं.”
सीएम योगी ने आगे कहा कि “हमें 2 स्तर पर तैयारी करनी होगी. मौजूदा हालात और भविष्य के मद्देनजर रणनीति तैयार करें. हर जिले में कम्युनिटी किचन चलाएं. इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य जो लोग भी मदद देना चाहें उनकी मदद लें. हर कोई भोजन बांटने न निकले, इसके लिए कुछ कलेक्शन सेंटर बनाएं. वहां भोजन एकत्र हो और बंटने के लिए जाएं.”
सीएम ने कहा कि “कोरोना के संक्रमण के दौरान एनेस्थेसिया, फिजिशियन, बच्चों और महिलाओं के डॉक्टर्स की सर्वाधिक जरूरत होती है. निजी क्षेत्र में संबंधित विशेषज्ञता के कितने डॉक्टर्स हैं? उनकी सूची तैयार करें. इनको प्रशिक्षण दें, ताकि जरूरत पर इनसे मदद ली जा सके. इसी तरह के प्रशिक्षण की जरूरत इनके पैरामेडिकल स्टाफ और आयुष विभाग के चिकित्सकों और उनके स्टाफ को भी होगी. जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों के कितने बेड और वेंटिलेटर उपलब्ध हो सकते हैं? इसकी भी सूची तैयार करें.”
उन्होंने आगे कहा कि “सरकार 1000 करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी. इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटिलेटर, मास्क, सेनेटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी. इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी. प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा हो.”





