140 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो साल के बच्चे को बचाने की काेशिशें जारी,गिरे बच्चे के करीब पहुंची टीम

घर के सामने ही खेतों में खेलते समय नौ ईंच चौड़े 140 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो वर्षीय फतेहवीर सिंह को बचाने की कोशिशों के बीच उम्मीद की बड़़ी किरण जगी है। बचाव टीम बच्चे के करीब पहुंचने वाली है। टीम फतेहवीर सिंह से 25 फीट की दूर है और बच्चे तक उसके जल्द पहुंचने की उम्मीद है। 140 फीट गहरे बोरवोल में गिरे फतेहवीर सिंह 120-125 फीट की गहराई पर सात ईंच पाइप में अटके होने का अनुमान है।
बोरवेल के बराबर में चार फीट चौड़ा टनल की खुदाई चल रही है, जिसमें 36 ईंच चौड़े सीमेंट के पाइप डालकर टनल बनाया जा रहा है। इस टनल के माध्यम से जवान नीचे उतरकर पाइप में फतेहवीर की लोकेशन की जांच करेंगे तथा वही पर से पाइप को काटकर फतेहवीर को पाइप से बाहर निकालने की योजना है। अब तक 80 फीट से अधिक गहराई तक टनल की खुदाई हो चुकी है व काम ने फिर से तेजी पकड़ ली है। ऐसे में अनुमानन मात्र 20-25 फीट की गहराई तक टनल खोदने की और जरूरत है, जहां से पाइप डालने में कुछ घंटे का समय और लगेगा।

फतेहवीर को बोरवेल में गिरे 42 घंटे का समय गुजर चुका है। रैसिक्यू आपरेशन शुक्रवार मध्यरात्रि के बाद से बेहद सुस्त पड़ गया है। मशीनरी की तकनीकी खराबी के कारण मैन्यूअल तरीके से काम किया जा रहा है। रात तक जहां टनल में सीमेंट के पाइप डालने का काम खत्म कर लिया जाने वाला था, वहां अभी तक सात पाइप ही डाले गए हैं। कुल 12 पाइप डालने के बाद ही आगे की खुदाई का काम आरंभ होगा। प्रशासनकि अधिकारियों के साथ सांसद भगवंत मान भी मौके पर मौजूद हैं।
बच्चे को निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीमों जुटी हैं। बच्चे को बचाने के लिए कोशिशें वीरवार से से चल रही हैं और उस समय से ऑपरेशन लगातार जारी है। सेना की टीम ने शुक्रवार सुबह ऑपरेशन की कमान संभाल ली थी और वह अभी भी इसमें जुटी हुई है। कैमरे की मदद से बच्चे की हरकत पर नजर को रखी जा रही है, लेकिन रात एक बजे के बाद से कोई हरकत दिखाई नहीं दे रही है।

इस बीच एनडीआरएफ व असाल्ट इंजीनियरिंग रैजीमेंट टीम की योजना भी दम तोड़ चुकी है। डेरा प्रेमी, इलाका निवासी व बोर बनाने के माहिरों की टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है व हाथों से ही खुदाई व पाइप डालने का काम जारी है। संगरूर के सांसद भगवंत मान भी सुबह फतेहवीर सिंह के गांव भगवानपुरा में पहुंचे व राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से रैसिक्यू आपरेशन तेज करने की हिदायत दी तथा हर प्रकार की मदद में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
30 फीट बोर के चारों तरफ से मिट्टी हटाई, बराबर 41 ईंच का गड्ढा खोदने का काम जारी
बता दें कि बच्चा वीरवार शाम 4.30 बजे बोरवेल में गिरा था। वीरवार शाम पांच बजे के बाद से रैसिक्यू आपरेशन में एनडीआरएफ टीम, डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम जी एस वेलफेयर फोर्स की 45 सदस्यीय टीम व पटियाला से बुलाई गई 119 असोल्ट इंजीनियरिंग रेजिमेंट की टीम ने रैसिक्यू आपरेशन का मोर्चा संभाला। प्रचंड गर्मी के कारण राहत कार्य को आगे बढ़ाने में टीमों के पसीने छूट रहे हैं।

डीसी घनश्याम थोरी, एसएसपी डा. संदीप गर्ग, एसडीएम मनजीत कौर, डीएसपी हदीप सिंह सहित पुलिस व सिविल प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचकर पल-पल की खबर ले रहा हैं। शुक्रवार देर रात 11 बजे मशीनरी का काम बंद कर दिया गया। इसके बाद डेरा सच्चा सौदा की ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स ने मोर्चा संभाला। चार फीट चौड़े खोदे जा रहे टनल से मिट्टी निकालने का काम हाथों से शुरू हुआ। 70 फीट तक बेशक टनल की खुदाई कर ली गई है, लेकिन इसके बीच पाइप डालने में सफलता नहीं मिल पा रही थी।
दूसरी तरफ बच्चे की कोई हरकत नहीं दिखाई दे रही है, जिससे पूजा-पाठ व दुआओं का दौर भी शुरू हो गया है। मौके पर मेडिकल टीमें तैयार हैं। इससे पहले शुक्रवार सुबह सात बजे पटियाला से सेना की असॉल्ट इंजीनियरिंग रेजीमेंट की टीम भी पहुंची और राहत कार्य की कमान संभाल ली। बोरवेल के साथ चार फीट चौड़ा गड्ढा खोदकर सीमेंट के पाइप लगाकर टनल बनाने का कार्य आरंभ किया।

मौके पर पहुंचे एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल।
रात 1 बजे व फिर सुबह 4 बजे बच्चे ने की हरकत
फतेहवीर को सुरक्षित रखने के लिए बोर में ऑक्सीजन सप्लाई देने के लिए सिलेंडर लगाए गए हैं। साथ ही कैमरों की मदद से उसकी हरकत पर भी नजर रखी जा रही है। वीरवार देर रात एक बजे फतेहवीर ने हरकत की थी। इसके बाद सुबह चार बजे भी हरकत हुई। इसके बाद दिनभर कोई हरकत नहीं हुई।
प्रशासन रख रहा नजर, परिवार को दिया हौसला
शुक्रवार सुबह लगभग 10:30 बजे डीसी घनश्याम थोरी व एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग मौके पर पहुंचे। उन्होंने फतेहवीर के परिवार को हौसला रखने को कहा है। आप सांसद भगवंत मान की मां हरपाल कौर ने भी फतेहवीर के परिवार से बातचीत की, जबकि शिअद के कोर कमेटी सदस्य विनरजीत सिंह गोल्डी वीरवार रात से ही मौके पर मौजूद हैं।

बोरवेल माहिरों ने संभाला मोर्चा
फतेहवीर को बचाने के लिए शुक्रवार रात आठ बजे बोरवेल विशेषज्ञों ने पूरी मशीनरी के साथ मोर्चा संभाल लिया। इस काम में जगतजीत सिंह बोरवेल की टीम एनडीआरएफ व असॉल्ट इंजीनियङ्क्षरग रेजीमेंट के बाद रेस्क्यू आपरेशन में जुट गई है।
एसजीपीसी प्रधान लोंगोवाल भी पहुंचे
फतेहवीर सिंह की सलामती के लिए जहां सतनाम वाहेगुरु का जाप जारी है, वहीं एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल भी देर रात को मौके पर पहुंचे। उन्होंने फतेहवीर की सलामती की अरदास की। उन्होंने कहा कि प्रशासन बच्चे को बचाने के लिए हर प्रयास कर रहा है। एसजीपीसी परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ी है। उन्होंने हर प्रकार की मदद का दिलाया भरोसा।
बता दें कि सुनाम के नजदीकी गांव भगवानपुरा में वीरवार शाम 4.30 बजे एक दो वर्षीय बच्चा खेत में बने नौ ईंच चौड़े और 140 फीट गहरे लोहे के बोरवेल में गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब फतेहवीर सिंह अपने घर के सामने ही खेत में खेल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य में जुट गई है।
ऐसे गिरा बच्चा बोरवेल में
फतेहवीर के परिजन खेतों में काम कर रहे थे और वह खेल रहा था। खेलते-खेलते खेत के बीच दस वर्ष पुराने बोरवेल जिसे परिवार वालों ने प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ था के पास जा पहुंचा। अचानक बच्चे का पांव बोर पर आ गया और बोर पर लगी बोरी कमजोर होने के कारण बच्चा सीधा बोल में नीचे चला गया। जब तक बच्चे के परिजन उसे बचाने के लिए भागे व गहराई तक जा चुका था।
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140 फीट गहरा बोर, 120 फीट पर अटका है बच्चा
बचाव कार्य में बठिंडा से आई एनडीआरएफ की 26 सदस्यों की टीम जुटी हुई है। टीम ने बोरवेल में कैमरा डाला तो यह एक सौ फीस फुट पर अटक गया। जब कैमरे से फोटो लिए गए तो बच्चे के हाथ हिलते हुए नजर आए। एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि बोरवेल 140 फीट गहरा है जबकि एक सौ बीस फुट पर बच्चा अटका हुआ है।
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बोरवेल में इस साल घटी चर्चित घटनाएं
– 21 फरवरी, 2019 : महाराष्ट्र के पुणे में 200 फुट गहरे बोरबेल के बीच 10 फुट की गहराई में फंसे 6 साल के बच्चे को 13 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद एनडीआरएफ ने सकुशल बाहर निकाल लिया।
– 21 मार्च, 2019 : हिसार के गांव बलसामंद में बोरबेल में 60 फीट नीचे गिरे डेढ़ साल के बच्चे नदीम को 47 घंटे बाद सुरक्षित निकाला।
– 13 अप्रैल, 2019 : मथुरा जिले के अगरयाला गांव में पांच साल के बच्चे को 100 फुट गहरे बोरबेल से एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला गया।





