11 पाक लोगों की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, शरीर में पाया गया जहरीला पदार्थ

जोधपुर। जोधपुर जिले के देचू पुलिस थाना क्षेत्र के हरीदासोत गांव में रविवार को 11 पाक विस्थापित लोगों की मौतों का खुलासा तो पुलिस हालांकि नही कर पाई है मगर उनकी मौत शरीर में जहर देकर की गई है। परिवार की एकमात्र पुत्री प्रिया नर्स थी। संदेह जताया है कि उसी ने सभी को पहले जहर का इंजेक्शन दिया है और फिर खुद भी खुदकुशी की होगी। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देर रात को पुलिस को मिली है।
सोमवार को जोधपुर में मेडिकल बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में सभी 11 मृतकों के शरीर में जहरीला पदार्थ पाया गया और सभी की मौत का कारण भी यहीं बना। इसके अलावा पुलिस की एफएसएल टीम ने कल मौके से कई सैंपल एकत्र किए थे। ये सैंपल अभी तक जोधपुर स्थित लैबोरेटरी तक पहुंचे ही नहीं है। वहां से रिपोर्ट मिलने में फिलहाल कुछ वक्त लगेगा। पुलिस अधिकारी भी पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की व्यवस्था में ही जुटे रहे। अब वे इससे फ्री होकर जांच पर अपना ध्यान केन्द्रित करेंगे। इस कारण पुलिस अधिकारी फिलहाल जांच को लेकर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से बच रहे है।
शरीर पर मिले इंजेक्शन के निशान:
सभी 11 मृतकों में से 10 के हाथ पर इंजेक्शन के निशान पाए गए। जबकि बुधाराम की बेटी नर्सिंग का पाठ्यक्रम कर चुकी पिया के पांव में इंजेक्शन का निशान पाया गया। इससे जाहिर है कि इंजेक्शन के माध्यम से सभी के शरीर में जहर का प्रवेश कराया गया। इंजेक्शन लगाना पिया ही जानती थी ऐसे में सबसे अधिक शक उसी पर किया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार पिया ने अपने परिजनों की हत्या कर स्वयं आत्महत्या क्यो की?
केवल राम भी शक के दायरे में:
घर में रहने वाले 12 जनों में से बुधाराम का एक बेटा केवलराम ही जीवित बच पाया। जबकि उसके तीन बेटा-बेटी भी काल कवलित हो गए। केवलराम का अपनी पत्नी के साथ झगड़ा चल रहा है। उसकी पत्नी जोधपुर में अलग रहती है। पहले पुलिस ने उसे व उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने पर दोनों को सोमवार को छोड़ दिया गया। मगर केवलराम पर इसलिए शक कम हो रहा है कि वह आखिरकार अपने बेटा-बेटी को क्यो मारता?





