100 करोड़ रुपए की जमीन की मालकिन घर खर्च के लिए है मोहताज

100 करोड़ रुपए की जमीन की मालकिन विधवा महिला संजू देवी दूध बेचकर घर खर्च चला रही है। बच्चों को पढ़ाने के लिए संजू देवी को खेतों में भी काम करना पड़ता है। आयकर विभाग के नोटिस और जमीन अटैच करने के बाद संजू देवी को इस बात की जानकारी मिली कि उसके नाम पर करोड़ों रुपए की जमीन खरीदी गई है।
संजू देवी को तो बस इतनी जानकारी है कि उसके मृतक पति नारूराम मुंबई की जिस कंपनी में चपरासी था, उसके मालिक उसे दो-तीन साल पहले तक पांच हजार रुपए मासिक घर खर्च के लिए डाक से भेजते थे। संजू देवी का कहना है कि कई सालों पहले पति के साथ मुंबई से तीन-चार लोग आए थे और उससे जरूरी कागज बताकर अंगूठा लगवाया था। इसके बाद पति की मौत हो गई तो एक बार फिर मुंबई से दो लोग आए और प्रतिमाह घर खर्च के लिए पांच हजार रुपए भेजना जारी रखने की बात कह कर गए थे। लेकिन अब यह पैसा भी पिछले तीन साल से बंद कर दिया गया है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, मुंबई के नामी बिल्डर हीरानंदानी ग्रुप की ‘हेजलनट कंस्ट्रक्शन’ कंपनी की करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खेल उजागर होने के बाद जांच में सामने आया कि ये 64 संपत्ति सीकर जिले के छोटे से गांव दीपावास की रहने वाली संजू देवी के नाम पर खरीदी गई थी। कंपनी ने अपने फायदे के लिए अनपढ़ संजू देवी से अंगूठा लगवाकर उनके नाम पर ये संपत्ति खरीदी थी।
संजू देवी के नाम से जयपुर-दिल्ली हाइवे पर छह गांवों में 36 हैक्टेयर जमीन 64 अलग-अलग विक्रय पत्रों के माध्यम से खरीदी गई है। बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग की बेनामी निषेध यूनिट ने बेनामी संपत्ति अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है। इनकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जा रही है। ये सभी जमीनें जयपुर और सीकर जिले के महत्वपूर्ण स्थानों पर है।
आयकर विभाग की साल, 2006 ये जमीन 12.93 लाख रुपए में खरीदी थी। आयकर विभाग के अधिकारियों को संजू देवी ने बताया कि मैं तो अनपढ़ हूं, मुझसे तो कागजों पर अंगुठे लगावाए गए थे। पति के कहने से लगा दिए अब उसकी भी मौत हो गई। संजू देवी ने कहा कि कि मैं तो भैंस का दूध बेचकर और खेती से दो बेटियों और एक बेटे का पालन-पोषण कर रही हूं। संजू देवी को तीन महीने पहले आयकर विभाग की टीम ने नीमकाथाना भी बुलाया था। उनसे जमीन के खरीद के संबंध में पूछताछ की गई थी।
आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने संजू देवी के नाम जमीन खरीदने के लिए विक्रेता किसानों को सीधा भुगतान किया। संजू देवी के नाम से जमीनों के विक्रय-पत्र पंजीकृत करवाने के लिए मुंबई निवासी चंद्रकांत तारानाथ मालवंकर के नाम पर पॉवर आॅफ अटॉर्नी ली गई थी। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब मुंबई में एक टीम पूछताछ करेगी।





