हारने के बाद कांग्रेस के प्रदेश जाखड़ ने अपनेे पद सेे दे दिया इस्तीफा, कैप्टन बोले- नतीजे शानदार, इसकी जरूरत नहीं

गुरदासपुर से लोकसभा का चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने अपनेे पद सेे इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा है। वहीं, जाखड़ के इस्तीफे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने शानदार नतीजे दिए हैं, उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं थी। पार्टी हाईकमान जाखड़ के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगा। इससे मेहनती कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा।

जाखड़ भाजपा प्रत्याशी फ़िल्म स्टार सनी देयोल से हार गए थे। जाखड़ ने 4 मई 2017 को प्रदेश की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2018 में कांग्रेस ने 4 नगर निगम 22 जिला परिषद, नगर पंचायत और नगर कौंसिल का चुनाव जीता। इस बार लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 

2012 में पंजाब विधान सभा मे कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई थी तो पार्टी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। जाखड़ ने अपने कुशल नेतृत्व से सत्तारूढ़ अकाली भाजपा को जमकर घेरने का काम किया। 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की लहर थी। जाखड़ अबोहर से अपना चुनाव हार गए। जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश की कमान सौंपी। प्रदेश प्रधान रहते हुए जाखड़ ने गुरदासपुर से लोकसभा का उप चुनाव जीत, लेकिन इस बार वो भाजपा के सबसे वजनदार प्रत्याशी सनी देयोल से करीब 82,000 वोटों से हार गए।

मैं अपनी नैतिक जिम्मेदार निभा रहा हूँ: जाखड़

सुनील जाखड़ का कहना है, परिस्थिति भले ही कुछ भी हो लेकिन हकीकत ये ही है कि मैं हार गया। मैं इसकी नैतिक जिम्मेवारी ले रहा हूँ। इसी लिए मैंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष को भेज दिया है। 

जाखड़ ने शानदार नतीजे दिए

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि जाखड़ के नेतृत्व में कांग्रेस ने पंजाब में शानदार नतीजे दिए हैं। गुरदासपुर में उनकी हार अप्रत्याशित थी, क्योंकि मतदाताओं ने 18 माह की उनकी मेहनत पर फिल्मस्टार सनी देयोल को तरजीह दी। अगर जाखड़ मुझसे सलाह करते तो मैं उन्हें इस्तीफा देने को कभी नहीं कहता। कुछ राज्य के अध्यक्षों ने भी खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है, लेकिन पंजाब की तस्वीर उलट है। जाखड़ की हार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। जाखड़ को खुद को जिम्मेदार नहीं समझना चाहिए। पार्टी हाईकमान जाखड़ के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगा। इससे मेहनती कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा। 

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