हर किसी को पता होनी चाहिए X, Y, Z और Z+ सुरक्षा क्या होती है, जानें…

जब भी बड़े लोगों की सिक्युरिटी की बात होती है तो जेड प्लस, जेड और वाई जैसी सिक्युरिटी के बारे में बात होती है। हालांकि, हर कोई इस बात से शायद ही वाकिफ हो कि आखिर ये सिक्युरिटी होती किस-किस कैटेगरी की हैं और ये किसे मिलती हैं। इस तरह की सुरक्षा पाने वाले अधिकांश लोग केंद्र सरकार के मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, मशहूर राजनेता और कुछ सीनियर ब्यूरोक्रेट्स होते हैं। भारत में फिलहाल करीब 450 लोगों को इस तरह का सुरक्षा कवच मिला हुआ है। इनमें से 15 को जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा मिली हुई है। भारत में सुरक्षा व्यवस्था को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है: जेड प्लस (Z+) (उच्चतम स्तर); जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X) . 
भारत में प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और गांधी परिवार को एसपीजी की सुरक्षा प्राप्त है। यह सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर होता है। जिसमें तैनात कमांडो के पास अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण होते हैं। जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इनमें 10 एनएसजी और एसपीजी कमांडो होते हैं और शेष पुलिस दल के लोग होते हैं। यह सुरक्षा वीवीआईपीज को मिली होती है। सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी की होती है, जबकि दूसरे लेयर में एसपीजी के अधिकारी होते हैं। इनके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी कमांडो सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।
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जेड कैटगरी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इनमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड कैटगरी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट कार भी मिली होती है। वाई कैटगरी में 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (पीएसओ) शामिल होते हैं।एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है।





