हरियाणा में तंबाकू से बने उत्पादों का बढ़ता इस्तेमाल नई पीढ़ी को धीमी मौत की ओर धकेल रहा है…

दूध-दही के लिए विख्यात हरियाणा में तंबाकू से बने उत्पादों का बढ़ता इस्तेमाल नई पीढ़ी को धीमी मौत की ओर धकेल रहा है। प्रदेश की करीब 44 लाख आबादी किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रही है, जिससे हर साल 28 हजार लोग काल का ग्रास बन जाते हैं।

विडंबना यह कि इनमें दस फीसद लोग वे हैं जिन्होंने कभी धूमपान नहीं किया, लेकिन बीड़ी-सिगरेट पीने वाले के संपर्क में रहने के कारण असमय मौत का शिकार बन गए। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद हर दिन 116 बच्चे तंबाकू पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 19.7 फीसद लोग हुक्का, बीड़ी व सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे रिपोर्ट की मानें तो 15 साल की उम्र तक साढ़े चार फीसद बच्चे सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। विडंबना ये कि सरकारी और निजी स्कूलों में केवल 5.3 प्रतिशत छात्र ही तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जानते हैं।

हरियाणा में 35.3 प्रतिशत लोग रोजाना तंबाकू का सेवन करते हैं, जबकि 3.9 फीसद लोग कभी-कभार तंबाकू का सेवन करने वालों में आते हैं। पड़ोसी राज्यों पंजाब में 25.3 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 23.3 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 30.4 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।

महिलाएं भी नहीं पीछे, हुक्का पहली पसंद

प्रदेश में 4.8 फीसद लोग सिगरेट, 26.6 फीसद बीड़ी, 0.3 फीसद सिगार और 12 फीसद लोग हुक्का का सेवन करते हैं। धूमपान में महिलाएं भी पीछे नहीं। करीब 6.3 फीसद महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। 4.9 फीसद महिलाएं नियमित, जबकि 1.5 फीसद कभी कभार तंबाकू का सेवन करती हैं। तंबाकू के उपयोगकर्ताओं में से 17.2 फीसद हुक्के का इस्तेमाल करते हैं। खासकर 33.1 फीसद महिलाओं के घर में हुक्का होता है।

एक तिहाई कैंसर मरीज तंबाकू की देन

हरियाणा में कैंसर के एक तिहाई मरीजों के लिए तंबाकू जिम्मेदार है। हैरानी की बात है कि प्रदेश में 20 जुलाई 2012 को तंबाकू उत्पादों पर रोक के बावजूद ई-सिगरेट और फ्लेवर्ड हुक्का का उपयोग लगातार बढ़ता चला गया। 90 फीसद लंग कैंसर तथा मुंह के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू ही है। धूमपान करने वाले व्यक्ति की आयु तंबाकू का सेवन नहीं करने वाले लोगों की तुलना में 22 से 26 फीसद तक घट जाती है।

तंबाकू विरोधी चार केंद्र बनेंगे

स्वास्थ्य विभाग ने तंबाकू के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र और गुरुग्राम में चार केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रत्येक केंद्र में मनोवैज्ञानिकों, दवाओं और बुनियादी ढांचे के साथ कई तरह की सुविधाएं होंगी।

नशीले पदार्थो का सेवन रोकने वाले होंगे पुरस्कृत

एल्कोहल और नशीले पदार्थो की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों और संस्थाओं को राज्य पुरस्कार मिलेंगे। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 14 जून तक आवेदन मांगें हैं। आवेदन जिला समाज कल्याण कार्यालय में देने होंगे। विजेता को 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

खास बातें

  • 35.3 फीसद लोग रोजाना तंबाकू का सेवन करते हैं हरियाणा में
  • 3.9 फीसद लोग कभी-कभार तंबाकू का सेवन करने वाले
  • 26.6 फीसद लोग बीड़ी और 12 फीसद लोग करते हैं हुक्के का सेवन
  • 4.9 फीसद महिलाएं नियमित करती हैं तंबाकू का सेवन
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