हरियाणा महिला आयोग ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की

दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में महिला को बेल्ट से पीटते हुए आदर्श नगर थाने के पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अब इस पर मामला गरमा गया है तो हरियाणा महिला आयोग ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आयोग की सदस्य रीता भाटिया का कहना है कि यह अपराध है और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर महिला ने कोई अपराध किया भी है तो उसकी जांच होनी चाहिए और वह भी महिला पुलिस द्वारा। वहीं, समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक,दो एसपीओ हरपाल और दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यहां पर बता दें कि पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने वीडियो पर संज्ञान लिया और सत्यता पता कराई। इसके बाद दो हेडकांस्टेबल को निलंबित, तीन एसपीओ को बर्खास्त कर दिया गया है। पांचों के खिलाफ अतिरिक्त थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह की तहरीर पर महिला को पीटने, मानहानि व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें दो एसपीओ हरपाल व दिनेश को रात को गिरफ्तार भी कर लिया गया। महिला आयोग की सदस्य रेनू भाटिया ने भी पुलिस आयुक्त मुलाकात कर इस मामले की उचित जांच व कार्रवाई की मांग की थी।
वायरल हुए सवा चार मिनट से अधिक समय के वीडियो में एक वर्दी पहने, बाकी सिविल ड्रेस में चार लोग दिख रहे हैं। वे महिला को धमकाते व गालियां देते और ठहाके लगाते हुए सुने जा सकते हैं। बीच-बीच में एक शख्स महिला को बेल्ट से पीट रहा है। वीडियो पुलिस आयुक्त संजय कुमार के पास भी पहुंचा। उन्होंने जांच कराई।
पता चला कि महिला को बेल्ट से पीट रहा शख्स एचसी रोहित, वर्दी पहने एचसी बलदेव है, बाकी एसपीओ कृष्णपाल, हरपाल व दिनेश हैं। सभी आदर्श नगर थाने में तैनात हैं। वीडियो अक्टूबर 2018 का बताया जा रहा है। कोई गलत काम होने की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी सिटी पार्क पहुंचे थे। उन्हें वहां केवल यह महिला मिली। उसे थाने ले आए। पुलिसकर्मी महिला से जानने की कोशिश कर रहे थे कि उसके साथ और कौन था। इसी दौरान उसकी बेल्ट से पिटाई की गई। यह वीडियो किसने बनाई, तब की बजाय अब कैसे सामने आई, यह जांच का विषय है।
संजय कुमार (पुलिस आयुक्त) का कहना है कि वीडियो सामने आते ही इसकी सच्चाई का पता लगाया गया और कार्रवाई भी शुरू हो गई है। महिला की पहचान नहीं हो पाई है। महिला की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं मिली है। सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी महिला से केवल महिला पुलिसकर्मी ही पूछताछ कर सकती है।





