हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में छाया रहा बराला प्रकरण, खुलकर बोले कई मंत्री


ये भी पढ़े: बड़ी खबर: पाक-चीन के छूटे पसीने, क्योंकि अब अमित शाह होंगे देश के रक्षा मंत्री
उन्होंने कहा कि मामला चंडीगढ़ से जुड़ा है, इसे हरियाणा से न जोड़ा जाए। पुलिस केस में न तो सीएम, न किसी मंत्री और न ही सरकार ने कोई हस्तक्षेप किया है, न ही करेंगे। यूटी की पुलिस और प्रशासन अलग है, उससे हरियाणा का कोई ताल्लुक नहीं। हरियाणा भाजपा अध्यक्ष व विधायक सुभाष बराला ने भी मामले को प्रभावित करने का कोेई प्रयास नहीं किया है। सोशल मीडिया पर बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। कानून अपना काम कर रहा है, किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो वह मामले से जुड़ी युवती की किसी बात का खंडन कर रहे हैं, न उसे सराहनीय बताएंगे, न ही मनोबल तोड़ने की कोशिश करेंगे। चूंकि, रोहतक की दो बहनों के मामले में जल्दबाजी में घोषणा पर सीएम और सरकार को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया था।
वीएस कुंडू जोकि प्रशासनिक अधिकारी हैं, उनकी बेटी के साथ जो भी कुछ हुआ है उसकी सही जांच होनी चाहिए। वर्णिका को न्याय मिलना चाहिए। चंडीगढ़ पुलिस ने जिस प्रकार से इस केस में कई धाराएं बदली हैं उससे लगता है कि चंडीगढ़ पुलिस केंद्र सरकार के दबाव में है। विकास बराला भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का पुत्र है इसलिए पूरी भारतीय जनता पार्टी अपने प्रदेशाध्यक्ष को बचाने में लगी हुई है। यदि विकास बराला की बजाय कोई और इस मामले में होता तो पुलिस उस पर सख्त कार्रवाई करती। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की असलियत का देश और प्रदेश की जनता को पता चल गया है। गौरतलब है कि पूर्व सीएम फिलहाल पुडुचेरी और चेन्नई के दौरे पर हैं।





