हमीरपुर रोड पर हादसा: चावल लदा ट्रक ऊपर पलटने से तख्त पर सो रहे पिता व दो बेटों की दर्दनाक मौत

नौबस्ता-हमीरपुर रोड किनारे तख्त पर सो रहे पिता व दो बेटों पर मौत बनकर चावल लदा ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे दबकर तीनों की जान चली गई। भीड़ एकत्र होने पर बवाल की आशंका पर पुलिस फोर्स पहुंच गई और दो क्रेन व दो हाइड्रा की मदद से ट्रक हटाकर तीनों के शव बाहर निकाले गए। शवों को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।

कानपुर-सागर राजमार्ग पर नौबस्ता में मंगलवार की सुबह चावल लदा ट्रक किनारे खड़ा करने के दौरान अचानक नाला धंस गया। इससे ट्रक अनियंत्रित होकर चाट के ठेले में टक्कर मारते हुए पास ही तख्त पर सो रहे सिक्योरिटी गार्ड 45 वर्षीय रिकूं तिवारी, उनके पुत्रों कक्षा नौ का छात्र 15 वर्षीय अभिषेक और पांच वर्षीय लक्ष्मीनारायण के ऊपर पलट गया। तीन के ट्रक के नीचे दबने से हाहाकार मच गया। वहीं चाट के ठेले पर सो रहे रिकूं का भतीजा आकाश, गोविंद व पड़ोसी काशीनाथ का बेटा स्वपनिल बाल-बाल बच गए।

हादसा होते ही लोग दौड़ पड़े तो चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। लोगों की भीड़ एकत्र होने पर बवाल की आशंका जता नौबस्ता थाने का फोर्स घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने एनएचएआइ को सूचना देकर क्रेन मंगाई। 20 टन चावल लदा होने के कारण क्रेन अकेले ट्रक को हिला नहीं सकी। मोहल्ले के लोगों ने ट्रक में लदी चावल की बोरियां निकाली शुरू कर दीं। इस बीच दूसरी क्रेन आने पर फिर ट्रक को हटाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली।

बाद में दो हाइड्रा की मदद से ट्रक को ढाई घंटे की मशक्कत के बाद हटाया जा सका। पिता और बेटों के रक्तरंजित शवों की हालत देखकर सभी के दिल दहल गए। गुस्साए लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने सभी को तितर बितर कर दिया। पुलिस ने एंबुलेंस से तीनों को एलएलआर अस्पताल भेजा, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

देवी जागरण देखकर लौटे थे पिता-पुत्र

चचेरे भाई आकाश ने बताया कि अभिषेक, उसका भाई लक्ष्मीनारायण, गोविंद, स्वपनिल के साथ मछरिया के साईं मंदिर में देवी जागरण में शामिल होने गए थे। सुबह चार बजे लौटने पर अभिषेक और लक्ष्मी नारायण पिता के साथ तख्त पर लेट गए। वह भाई गोविंद और पड़ोसी दोस्त स्वपनिल के साथ चाट के ठेले पर लेट गया था।

घटिया नाला निर्माण बना हादसे की वजह

कानपुर-सागर राजमार्ग पर नौबस्ता में दोनों ओर नाला निर्माण हुआ था। यहां सीमेंटेड नाले का निर्माण किया जाना था लेकिन पुरानी नाली की ईंट के ऊपर ही दीवार खड़ी करके पटिया रख दी गई। कमजोर नाला आए दिन हादसों का कारण बन रहा है। इस पहले भी बंबा चौराहे के पास नाला धंसने से कई घटनाएं हो चुकी है।

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