हमारे दिनचर्या की ये गलतियां बन सकती हैं हॉर्मोंस इम्बैलेंस का मुख्य कारण

नई दिल्ली। हॉर्मोंस को सेहत के ताले की चाबी कहा जाता है क्यूंकि हॉर्मोंस हमारे शरीर के सिस्टम को कंट्रोल रखने का काम करते हैं। इनका काम शारीरिक विकास और नर्वस सिस्टम की गतिविधियों को कंट्रोल करने का होता है। साथ ही ये मेटाबॉलिज्म,वजन, पाचन क्रिया, मस्तिष्क की गतिविधियां, मूड आदि के लिए भी हॉर्मोंस ही जिम्मेदार हैं। इनका संतुलन ख़राब होने से बॉडी का पूरा सिस्टम बिगडऩा शुरू हो जाता है। जिससे थाइराइड,डायबिटीज,तनाव,बेचैनी होना, हाई ब्लड प्रेशर, दिल से जुड़े रोग, मोटापा, स्तन व गर्भाशय का कैंसर, अवसाद, बांझपन आदि कई गंभीर बीमारियां इंसान को अपने घेर में ले लेती हैं। जानते हैं कौनसी गलतियां कर सकती हैं हमारे हॉर्मोंस इम्बैलेंस।
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क्या होता है हॉर्मोंस इम्बैलेंस?
जब शरीर में हॉर्मोंन बहुत ज्यादा बढऩे या फिर कम होने शुरू हो जाते हैं तो यह हार्मोन इम्बैलेंस कहलाता है।
हॉर्मोंन इम्बैलेंस की वजह
अनियमित रूटीन और असंतुलित खानपान इसकी खास और शुरुआती वजह मानी जाती हैं। यह किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन एक बार यह परेशानी आ जाने से इसको कण्ट्रोल करना काफी मुश्किल होता है। जंक फूड्स और असंतुलित खाने का अधिकतर सेवन भी हमारे हॉर्मोंस में हेर-फेर करने का एक कारण होता है और अक्सर हम इन बातों को इग्नोर कर देते हैं। फास्ट फूड का रोजाना सेवन मोटापा बढ़ाने के साथ-साथ आलसी भी बना देता है। ये भी पढ़ें:- हेल्थ टिप्स: इन बातों को न करें इग्नोर, जो आगे बन सकते हैं बड़ी बीमारियों के कारण 
प्यूबर्टी (Puberty)
कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, व अन्य पैक्ज्ड फूड्स खाने से बच्चे अपनी उम्र से पहले Mature हो रहे हैं। इस कारण समय से पहले प्यूबर्टी हो रही हैं और मात्र 10-11 की उम्र में लड़कियों को पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं।
मेनोपॉज (Menopause)
30 साल की महिलाओं में मेनोपॉज की परेशानी देखने को मिल रही हैं। यह हॉर्मोंस असंतुलन का कारण है। यह जल्दी बूढ़े होने की निशानी है।
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गर्भावस्था (Pregnancy)
कुछ महिलाओं में प्रेग्नेसी के दौरान भी हॉर्मोंस का असंतुलन हो जाता है। जिससे बाद में तनाव डिप्रेशन जैसी अन्य बीमारियां पैदा हो जाती हैं। वहीं कुछ महिलाओं के मन में नकारात्मक विचार भी आने शुरू हो जाते हैं।
क्या है हॉर्मोंन संतुलन का राज?
स्वस्थ रहने के लिए खुद की तरफ ध्यान देना बहुत जरूरी है। सबसे पहले अपनी दिनचर्या बदलें, हेल्दी डाइट, नियमित व्यायाम करें, मेडिटेशन करें, पर्याप्त पानी पिएं, भरपूर नींद लें, फास्ट फूड से दूरी बनाएं। यह चीजें बहुत हद तक आपकी परेशानी को दूर कर सकती हैं।
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