हमारी साख पर सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई का हक दे सरकार: EC

  • नई दिल्ली. इलेक्शन कमीशन (EC) ने कानून मंत्रालय को एक लेटर लिखा है। इसके मुताबिक, ईसी ने सरकार से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का हक मांगा है, जो पोल पैनल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर इमेज खराब करने की कोशिश करते हैं। कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट 1971 में बदलाव करने का सुझाव…
    हमारी साख पर सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई का हक दे सरकार: EC
    – द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईसी कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट 1971 में अमेंडमेंट चाहती है, ताकि उसके आदेश न मानने वाले या इमेज को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
    – ईसी ने करीब एक महीने पहले सरकार को लेटर लिखा था। लॉ मिनिस्ट्री फिलहाल मामले पर विचार कर रही है।

    ये भी पढ़े: SC का NEET नतीजे जारी करने का आदेश, मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक

    इलेक्शन कमीशन ने एग्जाम्पल भी दिए
    – लेटर में ईसी ने पाकिस्तान के इलेक्शन कमीशन (ECP) का एग्जाम्पल भी दिया। पाक का इलेक्शन कमीशन उसकी इमेज बिगाड़ने की कोशिश करने वाले के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई कर सकता है।
    – इसी साल के एक मामले में ECP ने तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान के खिलाफ कंटेम्प्ट नोटिस जारी किया था। इमरान ने आयोग को फॉरेन फंडिंग के एक केस में बायस्ड होने की बात कही थी।
     
    क्यों उठा ये मामला?
    – यूपी विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों ने EVM में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे।
    – आप ने तो विधानसभा में एक ईवीएम की तरह दिखने वाले एक इक्विपमेंट का डेमो दिया था। इसमें बताया गया था कि ईवीएम में छेड़छाड़ की जा सकती है।
    – इसके बाद इलेक्शन कमीशन ने ईवीएम में छेड़छाड़ साबित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को ओपन चैलेंज दिया था। इसमें केवल दो पार्टियों ने शिरकत की थी।
     
    केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में 2 इलेक्शन कमिश्नर पर लगाया था आरोप
    – एक इंटरव्यू के दौरान अरविंद केजरीवाल ने 3 में से 2 इलेक्शन कमिश्नरों की सरकार से नजदीकी की बात कही थी। केजरीवाल ऑफिस ऑफ प्रॉफिट से जुड़े मामले से जुड़े प्रश्न पर जवाब दे रहे थे। आप के 21 विधायकों के मामले पर ईसी सुनवाई कर रहा है।
    – केजरीवाल ने कहा था, “इलेक्शन कमिश्नर एके जोती, जो कभी गुजरात में मोदीजी के सीएम रहने के वक्त चीफ सेक्रेटरी रहे थे और दूसरे इलेक्शन कमिश्नर ओ पी रावत मध्य प्रदेश से आते हैं, जो शिवराज सिंह के करीबी हैं। ऐसे में इन दोनों के निष्पक्ष रूप से काम करने पर सवाल उठता है।”
     
     
     
Back to top button