स्कूल के बच्चों को नियमित दूध में भी कमीशन का खेल, प्रधान और पोषाहार प्रभारी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

 सरकारी स्कूल के बच्चों को नियमित दूध पिलाने की योजना में कमीशन का खेल जारी है। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के झींथरी पंचायत समिति के अंतर्गत भीण्डा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सामने आया है।

जहां बच्चों को दिए जाने वाले दूध के एवज में दस हजार दो सौ पैंसठ रुपये का कमीशन लेने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने संस्था के प्रधान और पोषाहार प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि संस्था प्रधान ने अन्नपूर्णा दुग्ध योजना में ओवर बिल बनवाकर दूध आपूर्ति कर्ता से यह राशि वापस मांगी थी।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उपाधीक्षक गुलाबसिंह कटारा ने बताया कि भीण्डा निवासी गंभीरचंद रावल उक्त स्कूल में अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के तहत दूध की आपूर्ति करता है।

दिसंबर 2018 में आपूर्ति किए गए दूध का विद्यालय के संस्था प्रधान ने 23 हजार 182 रुपए का बिल बनवाकर दो मई को चेक के जरिए भुगतनान किया। दूध की वास्तविक राशि 12 हजार 917 रुपये ही थी। शेष 10 हजार 265 रुपये  रिश्वत के तौर पर वापस मांगे गए। जिसकी शिकायत का सत्यापन कराए जाने के बाद ब्यूरो टीम ने शुक्रवार को विद्यालय के संस्था प्रधान गैंजी निवासी गौतमलाल और पोषाहार प्रभारी ओमप्रकाश को रिश्वत की

राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के घरों के तलाशी भी ली गई है। 

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