सुपरस्टार थे Govinda के पापा, एक फिल्म ने डुबोया करियर

80 और 90 के दशक में गोविंदा का करियर पीक पर था। 1986 में डेब्यू के बाद वे बॉलीवुड के आइकॉन बन गए जो अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग, जबरदस्त डांस मूव्स और शानदार एक्टिंग के लिए मशहूर हुए।

लेकिन क्या आप जानते हैं गोविंदा (Govinda) के पिता अरुण कुमार आहूजा भी अपने जमाने के सुपरस्टार थे। वे एक बेहतरीन एक्टर होने के साथ-साथ एक शानदार फिल्ममेकर भी थे।

सुपरस्टार थे गोविंदा के पिता

गोविंदा के पिता अरुण कुमार आहूजा (Arun Kumar Ahuja) 1940 और 1950 के दशक के जाने-माने अभिनेता और गायक थे। उन्होंने 1939 में रिलीज हुई फिल्म एक ही रास्ता (Ek Hi Raasta) से डेब्यू किया था। उन्होंने अपने करियर में लगभग 40 से ज्यादा फिल्मों में लीड रोल और सपोर्टिंग रोल निभाया था।उन्हें महबूब खान मुंबई लेकर आए थे और उनकी ही फिल्म औरत उनकी सबसे सफल फिल्मों में से एक बनी।

एक फिल्म ने डुबोया करियर

अरुण कुमार ने एक वक्त बाद फिल्ममेकिंग में भी हाथ आजमाया लेकिन यहां उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने एक फिल्म प्रोड्यूस की थी जो बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर बुरी तरह फ्लॉप रही थी। इस फिल्म में डुबे पैसे के कारण वे दीवालिया हो गए और आर्थित तंगे के चलते वे मुंबई के बांद्रा को छोड़कर विरार की चॉल में रहने के लिए मजबूर हो गए।

गोविंदा की मां ने चलाया था घर

विरार की चॉल में शिफ्ट होने के बाद जब अरुण कुमार का स्वास्थ्य खराब रहने लगा तो उनकी मां निर्मला देवी ने परिवार को संभाला। वे 1940 के दशक की मशहूर गायिका थीं। जब उनके पति का स्वास्थ्य खराब हुआ तो वे अपने प्रोफेशनल करियर में वापस लौटीं और आर्थिक संकट में घर को संभाला।

गुमनामी में हुई मौत

बेशुमार शोहरत हासिल करने के बाद जब उन्हें इतना फायनेंशियली झटका लगा तो वे ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। आर्थिक तंगी और सदमे की वजह से वे लगभग 1 दशक तक बीमार रहे और फिर गुमनामी के बीच 3 जुलाई 1998 को उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Back to top button