सीएम योगी के नए कैबिनेट में किस जाति का रहेगा दबदबा?

उत्तर प्रदेश की सियासत में सोमवार का दिन अहम साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली पहुंचे और वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में यूपी मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कई नाम संभावित मंत्रियों की लिस्ट में सामने आने लगे हैं।
कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें
मुलाकात के बाद कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। संभावना है कि कई नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं और कुछ मौजूदा नेताओं को प्रमोट किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यूपी सरकार के कई मंत्री बीजेपी संगठन में जा सकते हैं और कई संगठन के नेता यूपी सरकार में मंत्री पद पा सकते हैं।
संभावित मंत्रियों के नाम
सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों में:
भूपेंद्र सिंह चौधरी – पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष
बलदेव औलख – राज्यमंत्री, प्रमोट होने की संभावना
अशोक कटारिया – पूर्व मंत्री, गुर्जर समाज से
गोविंद नारायण शुक्ला – एमएलसी, प्रदेश महामंत्री
पूजा पाल – वर्तमान में विधायक, योगी सरकार में प्रभावशाली
जातिगत समीकरण भी होंगे अहम
सूत्रों के अनुसार, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जातिगत समीकरण बनाना बीजेपी के लिए जरूरी है। संभावित मंत्रियों की सूची में जाट, गुर्जर, ब्राह्मण और पिछड़ा समाज के नेताओं को शामिल किया जा रहा है।
पूजा पाल – महिला और कानून समर्थक विधायक
भूपेंद्र चौधरी – जाट समुदाय के नेता
अशोक कटारिया – गुर्जर समाज के प्रतिनिधि
इससे बीजेपी की कोशिश है कि सभी वर्गों में संतुलन बना रहे और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रणनीति मजबूत हो।





