सीआईएसएफ कार्मिकों को 3% ब्याज दर पर मिलेगा पर्सनल लोन

इन नई पहलों के माध्यम से सेवाओं का तेज और अधिक पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होगा। कार्मिकों को वित्तीय समस्याएं कम होंगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये लाभ बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के अधिकतम कर्मियों को प्राप्त होंगे, क्योंकि ये समायोजन आंतरिक निधि पुनर्गठन के माध्यम से किए गए हैं।
सीआईएसएफ की प्रमुख कल्याणकारी पहलों से 1.6 लाख बल सदस्य लाभान्वित होंगे। ऑनलाइन वेलफेयर पोर्टल की शुरूआत 1 सितंबर, 2025 से होगी। इसके तहत ऋण, छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी लाभों के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए जाएंगे। अपने कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के रूप में, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने बल सदस्यो के लिए अनेक पहल शुरू की हैं। इनमें कम ब्याज दर वाले ऋण, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति के अवसरों में वृद्धि, चिकित्सा उपचार के लिए बेहतर सहायता, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अधिक लाभ, इकाई स्तर के कार्यक्रमों के लिए धन का प्रावधान आदि शामिल हैं।
इन नई पहलों के माध्यम से सेवाओं का तेज और अधिक पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होगा। कार्मिकों को वित्तीय समस्याएं कम होंगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये लाभ बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के अधिकतम कर्मियों को प्राप्त होंगे, क्योंकि ये समायोजन आंतरिक निधि पुनर्गठन के माध्यम से किए गए हैं। सैनिक सम्मेलनों के दौरान बल सदस्यों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद ये उपाय तैयार किए गए हैं।
व्यक्तिगत ऋणों पर ब्याज दरें, जो पहले 6% तक थीं, अब सभी श्रेणियों में आधी, अर्थात 3% कर दी गई हैं। चिकित्सा उपचार ऋणों पर केवल 2% ब्याज लगेगा। गृह ऋण, विवाह आदि जैसे मामलों में ऋण राशि जो पहले 3 लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि पुनर्भुगतान अवधि को पहले के 3 वर्षों से बढ़ाकर अब 5 वर्ष कर दिया गया है। आयुष्मान सीएपीएफ और सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत भुगतान नहीं हुए चिकित्सा बिलों पर जेब से होने वाले खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति केन्द्रीय कल्याण कोष से की जाएगी। पहले इसकी सीमा बिल के 10% और अधिकतम 50,000 रुपये तक थी। अब चिकित्सा आधार पर अतिरिक्त साधारण अवकाश के दौरान भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
डीजी छात्रवृत्ति योजना में भी सुधार किया गया है। अब इसका विस्तार सीआईएसएफ कर्मियों के बच्चों जो (10+2 में अध्ययनरत) हैं, के एक बड़े समूह को लाभान्वित करने के लिए किया गया है। पहले केवल 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 150 छात्रों को ही छात्रवृत्ति प्रदान की जाती थी। अब 80% से अधिक अंक लाने वाले सभी सीआईएसएफ कर्मियों के बच्चे 20,000 रुपये की छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। 90% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 25,000 रुपये प्रदान किये जायेंगे। लाभार्थियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। इसके अतिरिक्त शहीदों के बच्चों के लिए कक्षा 01 से पीजी तक छात्रवृत्ति राशि भी पहले के 6,000 रुपये-18,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये-20,000 रुपये कर दी गई है। इसमें भी लाभार्थियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
सेवानिवृत्त कर्मियों को अब जोखिम बचत लाभ के रूप में 1.25 लाख रुपये एकमुश्त मिलेंगे। पहले उन्हें केवल लगभग 75,000 रुपये से 80,000 रुपये एकमुश्त मिलते थे। एक्स ग्रेसिया अंतिम संस्कार व्यय भी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया गया है। यूनिट स्तर के खर्चों के लिए, जलपान दरों में वृद्धि की गई है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, सीआईएसएफ स्थापना दिवस, सैनिक सम्मेलन और सेवानिवृत्त कर्मियों की विदाई जैसे अवसरों पर अब यूनिट में उपस्थित सभी कर्मियों को प्रति व्यक्ति 50 रुपये की दर से जलपान उपलब्ध कराया जाएगा। सीआईएसएफ स्थापना दिवस परेड और गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वालों के लिए विशेष आहार भत्ता 60 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रतिदिन किया गया है।
1 सितंबर, 2025 से, सीआईएसएफ तेज, पारदर्शी और आसानी से सुलभ कल्याण सेवाएं प्रदान करने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन वेलफेयर पोर्टल की शुरूआत करेगा। बल के सदस्य इस पोर्टल के माध्यम से ऋण, छात्रवृत्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आदि के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे। यह पोर्टल वित्तीय कल्याण अनुरोधों को प्रोसेस करने की मौजूदा मैनुअल प्रणाली की जगह लेगा। सीआईएसएफ मुख्यालय द्वारा विकसित एक विशेष सॉफ्टवेयर अंशदायी कल्याण निधि का प्रबंधन करेगा, जो ऑनलाइन आवेदन के 15 दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक निकासी और आवेदक के खाते में भुगतान का सीधा हस्तांतरण सुनिश्चित करेगा।
ऋणों के लिए प्राथमिकता व्यवस्थित रूप से निर्धारित की जाएगी, जिसमें चिकित्सा उपचार सबसे ऊपर होगा, उसके बाद विवाह, शिक्षा, आवास और अन्य ज़रूरतें होंगी। कुल कल्याण निधि का लगभग 80%, जो 100 करोड़ रुपये से अधिक है, कार्मिकों की कल्याण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अलग रखा जाएगा। यह पहल बल के पहले के डिजिटल सुधारों पर आधारित है। पेंशन प्रक्रिया को पहले ही ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे सेवानिवृत्ति की तिथि पर पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी किए जा रहे हैं और अधिकांश बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, ई-सेवा पुस्तिका शुरू की गई है, जिससे कार्मिक अपने रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेंगे, त्रुटियों को सही करवा सकेंगे और यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनके सेवा विवरण समय पर अपडेट हों—जिससे उन्हें बिना किसी देरी के वे सभी लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी जिनके वे हकदार हैं।