सिविल अस्पताल में 22 साल पहले एक नन्ही सी बेटी ने लिया था जन्म, राज खुुला तो डॉक्टर भी हुए सन्न

सिविल अस्पताल में 22 साल पहले एक नन्ही सी बेटी ने जन्म लिया था, लेकिन जन्म लेते ही उसके माता-पिता को हुए एक शक ने उसके जीवन को नरक बना दिया। आज बेटी 22 साल की जवान हो गई, लेकिन आज भी वह नारकीय जीवन जी रही है। दरअसल, जन्म के दौरान माता-पिता को शक था उनके बच्चे को बदल दिया गया है। इसी शक के कारण बेटी से वह अमानवीयता करते रहे। युवती द्वारा ऐसा राज खोलने पर डॉक्टर भी सन्न रह गए। 
दंपती गांव चौंता का रहने वाला है। शुक्रवार को भी दंपती ने बेटे के साथ मिलकर उस पर तेजधार हथियारोंं से हमला किया। देर रात इलाज के लिए उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। 22 वर्षीय युवती ने बताया कि उसका जन्म सिविल अस्पताल में जन्म हुआ था।
उसके माता-पिता को संदेह था कि जन्म के दौरान अस्पताल स्टाफ की गलती से उनका बच्चा बदलकर उसे उनके हवाले कर दिया गया। अस्पताल के खिलाफ कोई शिकायत या कार्रवाई करने के बजाय उसके परिजन उस पर ही अपना गुस्सा निकालते और उसे अमानवीय ढंग से मारने पीटते।
तीन दिन पहले उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई, जिस पर वो पड़ोसियों से किराया लेकर बस्ती जोधेवाल निवासी अपने मामा-मामी के घर चली आई। शुक्रवार सुबह उसके माता-पिता उसे मनाकर वापस अपने घर ले गए, मगर घर पहुंचते ही उन लोगों ने उसके साथ अमानवीय ढंग से मारपीट शुरू कर दी।
पता चलते ही युवती की बड़ी बहन ने मामा मामी को फोन करके सारी घटना के बारे में बताया, जिसके बाद देर रात वो दोनों उसे वहां से लेकर सीधे सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि युवती के सिर पर किसी तेजधार हथियार के साथ हमला किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





