सिपाही भर्ती 2017: मेडिकल पर उठे सवाल, वाट्सएप गु्रप पर डाल दी रिपोर्ट

सिपाही भर्ती के उन्नाव के अभ्यर्थियों ने लखनऊ के सीएमओ कार्यालय में दो मई को हुए मेडिकल पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों ने एक पुलिसकर्मी और कार्यालय के कर्मचारी द्वारा गड़बड़ी किए जाने का दावा किया है। साथ ही दोबारा मेडिकल जांच कराने की मांग की है।
सिपाही भर्ती-2017 में चयनित उन्नाव के अभ्यर्थियों का लखनऊ स्थित सीएमओ कार्यालय में दो मई को मेडिकल हुआ था। यहां मेडिकल बोर्ड द्वारा अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
वाट्सएप गु्रप पर डाल दी रिपोर्ट
अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय में एक वर्दी पहने पुलिसकर्मी मौजूद था। वह अभ्यर्थियों से सुविधा शुल्क लेकर मेडिकल में फिट कराने का दावा कर रहा था। इसके लिए दारोगा ने अभ्यर्थियों का वाट्सएप ग्रुप बनाया। अगले ही दिन मेडिकल परीक्षण की गोपनीय रिपोर्ट ग्रुप पर डाल दी गई। ऐसे में अनफिट किए गए अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य परीक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाया। साथ ही, दरोगा द्वारा गोपनीय रिपोर्ट लीक किए जाने के मामले की शिकायत पुलिस भर्ती बोर्ड के साथ ही एसपी और उन्नाव के सीएमओ से की है। साथ ही, दोबारा परीक्षण की मांग उठाई है।
28 अभ्यर्थी हुए थे शामिल
दो मई को हुए इस मेडिकल में कुल 28 अभ्यर्थी शामिल थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि सीएमओ कार्यालय में फिटनेस जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई।
क्या कहते हैं सीएमओ?
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि दो मई को बोर्ड द्वारा सिपाही भर्ती के अभ्यर्थियों का मेडिकल किया गया था। यहां से रिपोर्ट सील बंद करके पुलिसकर्मी को दे दी गई थी। यह लीक कैसे हुई, मुझे नहीं पता। मुझे अभी गड़बड़ी संबंधी शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है।





