सही होम लोन के लिए बेहद जरूरी हैं ये पांच महत्वपूर्ण कदम

मौजूदा वक्त में आवासीय वित्त उद्योग विकास के पथ पर अग्रसर है। सरकार कई पहलों का संचालन कर रही है, जिनमें स्मार्ट शहर और सभी के लिए आवास की योजनाएं प्रमुख हैं। खर्च करने योग्य आय, स्थिर संपत्ति की कीमतें और विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन कुछ ऐसे कारक हैं, जो आवासीय वित्त के विकास को प्रोत्साहित करते हैं। इसके अतिरिक्त गृह खरीदारों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन के कारण हाल में गृह ऋण की ब्याज दर को कम करने का निर्णय लिया गया है। होम लोन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम एक विश्वसनीय आवासीय वित्त कंपनी का चयन करना और अपने आर्थिक पोर्टफोलियो/आय का स्व-मूल्यांकन करना है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को ब्याज दर, पुनर्भुगतान अवधि, एलटीवी और ऋण अर्हता मापदंड जैसे कारकों को भी ध्यान में रखना चाहिए। होम लोन के आवेदन करने के लिए पांच महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना आवश्यक है।सही होम लोन के लिए बेहद जरूरी हैं ये पांच महत्वपूर्ण कदम
सटीक होम लोन: बाजार में होम लोन की कई तरह की योजनाएं मौजूद हैं। पहली बार होम लोन लेने वाले व्यक्ति के लिए सही लोन को समझना एवं चयन करना काफी महत्वपूर्ण है। यह जानते हुए कि हममें से अधिकांश लोगों के लिए होम लोन संभवत: सबसे लंबी आर्थिक प्रतिबद्धता है, इसलिए आप को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए इससे संबंधित प्रावधानों को सावधानीपूर्वक पढ़ लेना चाहिए। कुछ चिर-परिचित लोन विकल्प मौजूद हैं, जिनमें तैयार संपत्ति को खरीदने के लिए लोन, निर्माणाधीन संपत्ति की खरीदारी के लिए लोन, स्व-निर्माण के लिए लोन, भूखंड की खरीदारी के लिए लोन, मौजूदा संपत्ति के रेनोवेशन/एक्सटेंशन के लिए लोन, मौजूदा संपत्ति के लिए लोन, इत्यादि शामिल हैं।

ईएमआई: होम लोन लेने वाले व्यक्ति के लिए ईएमआई सबसे अधिक चिंता की बात होती है। आप की ईएमआई धन का मासिक निर्गम है, जो आपके लोन को चुकता करने के लिए हर माह निकलता जाता है। एक स्वर्णिम नियम के अनुसार, आप की ईएमआई आप की कुल मासिक आय के 40-45 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए।

बाकी तीन कदम कौन से?

सही ब्याज दर वाला लोन: होम लोन विशेष रूप से दो प्रकार की ब्याज दरों पर मिलता है- फिक्स्ड और फ्लोटिंग। ब्याज की फिक्स्ड दर उस समय होती है, जब आपके होम लोन पर ब्याज दर तीन से पांच वर्ष की अवधि के लिए एक जैसी बनी रहती है (वित्तीय संस्था द्वारा पेश की जाने वाली स्कीम पर निर्भर) और कुछ निश्चित मामलों में लोन की अपनी पूरी अवधि के दौरान एक सी बनी रहती है। ब्याज की फ्लोटिंग दर का तात्पर्य ऐसी ब्याज दर से है, जब आपके होम लोन की ब्याज दर वित्तीय संस्था के फंड की लागत के मूवमेंट के आधार पर परिवर्तित होती है। दर वास्तव में फंड्स की लागत के मूवमेंट के साथ घटती और बढ़ती रहती है। फिक्स्ड रेट ऑफ इंट्रेस्ट एक फ्लोटिंग रेट ऑफ इंट्रेस्ट से अधिक होगा और इसे ब्याज दर परिदृश्य को ध्यान में रखकर स्वीकार किया जाना चाहिए। आपकी लोन की अवधि के दौरान किसी भी समय फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट ऑफ इंट्रेस्ट के बीच स्विच करने के विकल्प भी उपलब्ध होते हैं, लेकिन आपको बैंक द्वारा आरोपित स्विचिंग चार्जेज के विषय में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।

शुल्क और जुर्माना: यदि आप अपनी ईएमआई को बदलना चाहते हैं अथवा अपने लोन को दूसरे बैंक अथवा एनबीएफसी में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो प्रोसेसिंग शुल्क, कुछ मामलों में कानूनी प्रशिक्षण शुल्क, होम लोन राशि पर स्टैंप ड्यूटी और कुछ निश्चित स्विचिंग चार्जेज के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क नहीं आरोपित किया जाता है। लेकिन यदि आप भुगतान करने में विफल हो जाते हैं, तो कुछ मामले में अतिरिक्त ब्याज के साथ कुछ निश्चित जुर्माना लगाया जाता है। आपको वित्तीय संस्था द्वारा आरोपित किए जाने वाले सभी शुल्कों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। लोन की अवधि के दौरान, यदि आवश्यक हो तो फोटो प्रतिलिपि के लिए, आपकी संपत्ति के दस्तावेजों की रिलीजिंग के लिए अतिरिक्त खर्च आ सकता है। आप जानकारी रखने के लिए कंपनी के शुल्कों के शेड्यूल के विषय में पूछ सकते हैं।

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संपत्ति का कानूनी एवं तकनीकी क्लियरेंस: आप यदि संपत्ति को खरीदने के इच्छुक हैं और लोन चाहते हैं, तो बैंक/एनबीएफसी उस संपत्ति का कानूनी और तकनीकी क्लियरेंस प्राप्त करेगा। यह न सिर्फ  बैंक के परिदृश्य से, बल्कि अंतिम उपयोक्ता के रूप में आपके परिदृश्य से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आप पर लोन चुकता करने का वृहत्तर उत्तरदायित्व है। इसलिए आपके लिए यह आवश्यक है कि ऐसे क्लियरेंस के लिए आप कंपनी से जानकारी हासिल करें।
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