सरपंच एसोसिएशन प्रधान की गोली मारकर हत्या, बॉडी उठाने से फैमिली का इनकार

बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ के बाहमणौली गांव के सरपंच अनूप छिल्लर मलवा की फैमिली ने शनिवार को उनकी डेड बॉडी को उठाने से इनकार कर दिया। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे बहादुरगढ़ ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान मलवा की बाइक सवार युवकों ने उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब खेतों में स्थित अपने भट्ठे से लौट रहे थे। एसपी और आईजी से मिलने की जिद पर अड़ी फैमिली…
सरपंच एसोसिएशन प्रधान की गोली मारकर हत्या, बॉडी उठाने से फैमिली का इनकार
 
– मिली जानकारी के अनुसार भट्ठे से लौट रहे पर जब हमला किया गया तो गाड़ी ड्राइवर चला रहा था और सरपंच साइड में बैठे हुए थे। खेतों के रास्ते में ही बाइक सवार तीन युवकों ने गाड़ी को रुकवा लिया। ताबड़तोड़ फायरिंग की और सरपंच की गाड़ी की चाबी भी निकाल ले गए।
– ड्राइवर ने किसी तरह इसकी सूचना भट्ठे पर पहुंचाई। वहां से गंभीर हालत में उसे ट्राॅमा सेंटर लाया गया, डॉक्टरों ने सरपंच को मृत घोषित कर दिया। वारदात में गांव के ही एक युवक के शामिल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद गांव में रोष है और देर रात तक ट्राॅमा सेंटर में ग्रामीण मौजूद थे।
– अनूप छिल्लर किसी पार्टी में तो शामिल नहीं थे, लेकिन कांग्रेस नेताओं के साथ नजदीकी रिश्ते थे। इसके चलते शहर के कांग्रेसी सिविल अस्पताल में मौजूद था। पूर्व विधायक राजेंद्र जून ने अनूप की मौत पर गहरा दुख जताया और पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को तुरंत पकड़ने की मांग की।

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गांव के ही एक युवक और उसके साथियों पर है आरोप
– हत्या की वारदात के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, मगर वारदात में गांव के ही एक युवक और उसके साथियों का नाम सामने आया है।
– उधर शनिवार सुबह अनूप की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम तो पुलिस ने करवा दिया, मगर फैमिली ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग के चलते डेड बॉडी को उठाने से इनकार कर दिया है। पुलिस अफसरों ने समझाने की कोशिश की, पर परिजन एसपी और आईजी के आने से पहले डेड बॉडी को उठाने के लिए तैयार नहीं हैं।
 
अनूप मलवा सर्वसम्मति से चुने थे प्रधान
अनूप मलवा को 63 गांवों के सरपंचों ने सर्वसम्मति से ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन का प्रधान बनाया था। सामाजिक, धार्मिक और लोगों की भलाई के कामों के लिए वह आगे रहता था। सभी सरपंच उसकी मौत से गहरे सदमे में हैं।
 
सोशल मीडिया पर थे एक्टिव
घटना से कुछ मिनट पहले तक वह सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। फेसबुक वाट्सअप पर उसने कई अपडेट और कमेंट्स डाले थे। इस घटना में उसके गांव के ही एक युवक का नाम सामने रहा है। हालांकि देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई थी।
 
पहले भी हो चुकी एक सरपंच की हत्या, दूसरा बचा था बाल-बाल
यह पहली वारदात नहीं है। यहां के गांव आसौदा सिवान के सरपंच रामवीर और उसके पिता की हत्या की गई थी, जबकि कुछ दिन पहले छुड़ानी गांव के सरपंच सत्यवान पर भी गोलियां बरसाई गई थी। गनीमत रही वह बाल-बाल बच गया था।
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