सप्ताह में 2 दिन चंडीगढ़, 4 दिन क्षेत्र में रहने वाले मंत्रियों की गाड़ियां राेज दौड़ रहीं 680 किमी

चंडीगढ़/पानीपत. हमारे मंत्री आपकी उम्मीद से कई गुना ज्यादा भाग-दौड़ कर रहे हैं। खुद की भागदौड़ को ही ये कम बता रहे हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में यह दोगुनी है। इसी आधार पर गाड़ियों के खर्च का भुगतान हाे रहा है। कई मंत्री 33 माह से रोज औसतन 548 से 680 किमी तक का सफर कर रहे हैं। यानी 10 से 12 घंटे गाड़ियों में गुजारते हैं। बाकी 12 घंटे में खाने-सोने, व्यायाम के अलावा ऑफिस और जनसेवा के कार्य आदि सब कर लेते हैं। यह औसत प्रतिदिन के हिसाब से है। जबकि सप्ताह में दो दिन सभी मंत्रियों को चंडीगढ़ में रहना होता है।सप्ताह में 2 दिन चंडीगढ़, 4 दिन क्षेत्र में रहने वाले मंत्रियों की गाड़ियां राेज दौड़ रहीं 680 किमी

राेज लंबी यात्रा के साथ ही गाड़ियों की माइलेज भी सवालाें के घेरे में है। कंपनियां माइलेज 10 से 14 किमी/लीटर बताती हैं। हमारे मंत्रियों की उन्हीं गाड़ियों के पेट्रोल-डीजल का भुगतान 5 से 8 किमी/लीटर के हिसाब से हो रहा है। हैरानी की बात यह भी है कि कई मंत्रियों की एक ही मॉडल की गाड़ी का एवरेज 33 माह से समान है। वह चाहे हाईवे पर दौड़े या कच्ची गलियों में। 33 माह में सबसे ज्यादा शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा की गाड़ी चली है। दूसरे नंबर पर कृष्ण कुमार बेदी और तीसरे नंबर पर ओमप्रकाश धनखड़ की गाड़ी दौड़ रही है।

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