श्रीयंत्र की पूजा में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

हिंदू धर्म में माना गया है कि श्री यंत्र मां लक्ष्मी की कृपा (Lakshmi ji blessings) पाने का सबसे शक्तिशाली यंत्र है। यदि इसे सही विधि से स्थापित किया जाए और निमानुसार इसकी पूजा-अर्चना की जाए, तो इससे साधक को धन-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन वहीं इससे जुड़ी कुछ गलतियां आपके लिए भारी भी पढ़ सकती हैं। चलिए जानते हैं कि श्री यंत्र की पूजा के दौरान किन गलतियों से सावधान रहना चाहिए।
इस तरह करें स्थापित
सुबह उठकर स्नान आदि करें और उस स्थल की साफ-सफाई करें जहां आपको श्री यंत्र की स्थापना करनी है।
स्थापना से पहले श्री यंत्र को पंचामृत और गंगाजल से शुद्ध करें।
अब इसे एक साफ-सुथरे लाल रंग के कपड़े या कमल के फूल पर रखें।
‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ या ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं’ मंत्र का जप करें।
दीपक जलाएं और फूल, चावल, रोली अर्पित कर श्री यंत्र की विधिवत पूजन करें।
ध्यान रखें ये बातें
श्रीयंत्र को पूरी श्रद्धा के साथ स्थापित करना चाहिए, तभी आपको इसका लाभ मिल सकता है।
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में श्री यंत्र की स्थापना करना सबसे उत्तम माना गया है।
इसे स्थापित करने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे उत्तम है।
श्रीयंत्र की स्थापना के बाद रोजाना इसकी विधिवत रूप से पूजा करनी जरूरी है।
पूजा के समय मन को शांत और शुद्ध रखना चाहिए।
न करें ये गलतियां
अगर आप रोजाना श्रीयंत्र की पूजा नहीं करते, तो इससे यह निष्फल हो जाता है।
बेडरूम या फिर अशुद्ध स्थान पर श्रीयंत्र को न रखें।
श्रीयंत्र को सीधे फर्श पर नहीं रखना चाहिए और न ही इसे अंधेरे वाले स्थान पर रखना चाहिए।
श्रीयंत्र के स्थापना वाले स्थान की साफ-सफाई का ध्यान रखें और वहां गंदा या धूल जमा न होने दें।
खंडित यंत्र का उपयोग भूल से भी न करें, इसे किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर दें।





