शिवपाल ने मुलायम को लेकर किया ये ट्वीट, निकाले जा रहे हैं कई अर्थ


उन्होंने ट्वीट कर कहा, जहां नेताजी खड़े होते हैं, वहीं से सपा की शुरुआत होती है। उन्होंने सेकुलरिज्म के लिए जिंदगी और कई सरकारें दांव पर लगा दीं, इसलिए हम नेताजी के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। शिवपाल के इस रुख से तय है कि सेकुलर मोर्चे का भविष्य भी मुलायम ही तय करेंगे।
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शिवपाल ने तीन दिन पहले मुलायम की अगुवाई में समाजवादी सेकुलर मोर्चे के गठन का एलान किया था। शनिवार को मुलायम ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया था कि मोर्चे के गठन के एलान से पहले शिवपाल से उनकी बात नहीं हुई, हालांकि उन्होंने शिवपाल की तारीफ की थी।
माना जा रहा था कि मुलायम अब भी पार्टी में सुलह की गुंजाइश को कायम रखे हुए हैं। वहीं, रविवार को मैनपुरी में उन्होंने जिस तरह अखिलेश यादव पर निशाना साधा, उन्हें मुख्यमंत्री बनाने को अपनी बड़ी भूल माना और रामगोपाल यादव को शकुनि बताने पर मुहर लगाई, उसके दूरगामी अर्थ निकाले जा रहे हैं।
सपा के कुछ नेताओं का मानना है कि 60 साल तक राजनीति में फ्रंट फुट पर खेलने वाले मुलायम अब चुप होकर घर नहीं बैठ सकते। वे जनता के बीच निकलेंगे। इसके लिए वे सेकुलर मोर्चे की अगुवाई करने की हामी भर सकते हैं।
दरअसल, अभी तक मुलायम सार्वजनिक तौर पर अखिलेश के प्रति नरमी बरतते रहे हैं। कई मौकों पर उनका बचाव भी किया है। पहली बार उन्होंने किसी समारोह में अखिलेश के खिलाफ बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने शिवपाल की तरफदारी भी की। इससे पहले ही शिवपाल ने राजधानी में ट्वीट करके नेताजी में भरोसा जताया। कहा कि सेकुलरिज्म के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी और कई सरकारें कुर्बान कर दीं।
यह भी साफ कर दिया कि सपा का मतलब मुलायम सिंह यादव है। शिवपाल के इस ट्वीट के बाद समझा जा रहा है कि सेकुलर मोर्चे का भविष्य मुलायम तय करेंगे। उनके निर्देश पर ही शिवपाल आगे कोई कदम उठाएंगे।
रविवार को कई सपा नेता शिवपाल से मिले। इनमें एक-दो पूर्व विधायक भी बताए जा रहे हैं। सभी ने सेकुलर मोर्चे के गठन पर सकारात्मक रुख दिखाया है।





